झांसी। एक सितंबर से परिषदीय विद्यालयों को खोलने के लिए मिले शासनादेश के बाद विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने तैयारियां तो शुरू कर दी हैं लेकिन शिक्षक बच्चों की सुरक्षा को लेकर उहापोह में हैं कि अभिभावक बच्चों को भेजेंगे कि नहीं। शिक्षकों का कहना है कि वे लोग अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक करेंगे। इसके साथ ही अधिकारियों से इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि स्कूल आने वाले बच्चों स्वास्थ्य की जांच के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि अभिभावक भी बच्चाें की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हो सकें।
परिषदीय विद्यालयों को एक सितंबर से खोलने के लिए शासनादेश आ चुका है। इसके तहत तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। शिक्षकों की मानें तो बच्चों की उपस्थिति बहुत ही कम होने के आसार हैं। अभिभावक की राय पहले से ही ली गई है जिसमें संशय की स्थिति है। शासनादेश मिलने के बाद स्कूल खोलने के लिए तैयारी कर रही प्राथमिक विद्यालय खुशीपुरा (बालक) की प्रधानाध्यापिका रजनी साहू ने बताया कि कोविड नियमों का पालन करते हुए बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा। इसके लिए अभिभावकों की सहमति भी ली जाएगी। जो अभिभावक सहमति देंगे उन्हीं के बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा। इसी प्रकार बहुमंजलीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय खुशीपुरा की प्रधानाध्यापिका अनीता रिछारिया ने बताया स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए सैनिटाइजर और साबुन की व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही उच्चाधिकारियों तक बात रखी जाएगी कि स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाए ताकि अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हो सकें।
कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यालयों को खोलने का शासनादेश मिल चुका है। सभी प्रधानाध्यापकों को व्यवस्थित ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए आदेश दिए जा चुके हैं। बच्चों को कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए बुलाया जाएगा। स्कूलों में सैनिटाइजर और साबुन की व्यवस्था किए जाने के लिए प्रधानाध्यापकों को बता दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कराने की व्यवस्था की जाएगी।
वेद राम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी