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बीयू में चल रहे 100 से ज्यादा कोर्स, देश भर के छात्र पढ़ने आते

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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के स्थापना को 46 साल पूरे हो चुके हैं। साढ़े चार दशक के इस सफर की शुरूआत विश्वविद्यालय ने सात कोर्सों से की थी, जो कि अब सौ के पार पहुंच चुकी है। देश भर से छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय में प्रोफेशनल कोर्स करने के लिए आ रहे हैं।
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कभी एशिया के विशालतम माने जाने वाले आगरा विश्वविद्यालय के विभाजन के बाद कानपुर यूनिवर्सिटी के कार्यक्षेत्र में आने वाले झांसी में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की स्थापना 1975 में हुई थी। उस समय बीयू का कार्य संबद्ध कॉलेजों के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों का दायित्व निभाना था। 1986 में यहां अर्थशास्त्र, प्रबंधन, गणित, पुस्तकालय विज्ञान विभाग खोलने की स्वीकृति राज्य सरकार ने दे दी थी। सात कोर्स शुरू किए गए और फिर शैक्षणिक कार्य गति पकड़ता रहा। उस समय यूजीसी से अनुदान लेने के लिए 12-बी की मान्यता होनी जरूरी थी। इसके लिए चार शैक्षणिक विभागों और 16 अध्यापक का मानक पूरा करने का नियम था मगर उस समय बीयू में सिर्फ छह शिक्षकों की ही नियुक्ति हो सकी। 1991 में यूजीसी ने 12-बी की मान्यता के मानकों को बदलकर सात विभाग और 49 शिक्षक होने को अनिवार्य कर दिया। साथ ही लाइब्रेरी, खेल मैदान को भी जरूरी कर दिया। 1991 में विश्वविद्यालय में तीन अन्य विभाग पर्यटन एवं होटल प्रबंधन, फूड टेक्नोलॉजी, जियोलॉजी को शासन से स्वीकृति मिल गई थी मगर ये 1999 से शुरू हो सके। 1999 में ही बीयू को 12-बी की मान्यता के साथ यूजीसी से अनुदान मिलना शुरू हो गया। तब से लगातार बीयू में विभागों का विस्तार हो रहा है। मौजूदा समय में विश्वविद्यालय में आठ नियमित और 42 स्ववित्त पोषित योजनांतर्गत विभाग चल रहे हैं। इनमें 102 कोर्स संचालित हैं।
पूर्व पीएम से लेकर महानायक तक को दी मानद उपाधि
बीयू की धाक देशभर में है। पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह से लेकर राजनेता, अभिनेता, वैज्ञानिक, खेल व शिक्षा जगत की बड़ी हस्तियों को मानद उपाधि बीयू ने दी है। इसमें महानायक अमिताभ बच्चन, भाजपा के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय मंत्री रहे स्व. रामविलास पासवान, राज्यपाल रहे प्रो. एआर किदवई, गवर्नर रहे बाबू परमानंद, एमपी के राज्यपाल रहे भाई महावीर, झांसी के प्रथम सांसद राघुनाथ विनायक धूलेकर, पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहीं सुशीला नय्यर आदि के नाम शामिल हैं।
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हवन के बाद बास्केटबॉल कोर्ट का हुआ लोकार्पण
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के 46वें स्थापना पर कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन, उनकी पत्नी डॉ. रंजना वैशम्पायन ने हवन किया। सभी प्राध्यापकों, प्रबंधकों, प्राचार्यों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं को बीयू की वर्षगांठ की बधाई दी गई। इस दौरान बास्केटबॉल कोर्ट का लोकार्पण किया।
लोकार्पण के बाद भेल और बीयू के फिजिकल एजूकेशन के छात्रों के बीच मैत्री मैच हुआ। दोनों ही टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। इसमें बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की टीम ने जीत हासिल की। कुलपति ने कहा कि खेल हमारे जीवन के लिए जरूरी है और खेल भावना हर क्षेत्र में काम आती है। इस दौरान कुलसचिव नारायण प्रसाद, प्रो. सुनील कुमार काबिया, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर, प्रो. एमएम सिंह, प्रो. डीके भट्ट, प्रो. अपर्णा राज, डॉ. सपना, डॉ. उपेंद्र तोमर, डॉ. राजीव बबेले, डॉ. केएल सोनकर, अमित श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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