झांसी। बुंदेलखंड के हजारों प्रवासी मजदूरों ने दिवाली मनाने के बाद अब दिल्ली, पंजाब और उसके आसपास के शहरों में काम करने के लिए लौटना शुरू कर दिया है। इस कारण दिल्ली की तरफ जाने वालीं अधिकांश ट्रेनों के जनरल व स्लीपर कोच यात्रियों से ठसाठस भरकर चल रहे हैं। आरक्षण कार्यालय की खिड़कियों पर दिन भर टिकट बनवाने के लिए यात्रियों की कतार लगी रहती है।
दिवाली को पांच दिन बीतने के बाद भी ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ कम नहीं हो रही है। एक तरफ जहां गोरखपुर व बिहार की तरफ जाने वालीं ट्रेनों में छठ पूजा को लेकर भीड़ है तो वहीं दिल्ली की तरफ जाने वालीं गाड़ियों में दिवाली मनाने के लिए दूसरे शहरों में लौटना शुरू कर दिया है। चूंकि, बुंदेलखंड के हजारों मजदूर दिल्ली, पंजाब और आसपास के शहरों में काम करते हैं। इस कारण दिल्ली की तरफ जाने वालीं ताज एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल, झेलम एक्सप्रेस, पातालकोट एक्सप्रेस, खजुराहो कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस समेत 30 से अधिक ट्रेनें यात्रियों से भरकर चल रहीं हैं। यही हाल बस स्टैंड का भी बना हुआ है। बसें भी यात्रियों से ठसाठस भरकर चल रहीं हैं।
चार की जगह तीन खुल रहे काउंटर
आरक्षण कार्यालय में चार टिकट काउंटर हैं, लेकिन इनमें तीन का ही अधिकांश दिनों में संचालन किया जाता है। इनमें भी एक नंबर काउंटर पर सिर्फ जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग, मान्यता प्राप्त पत्रकार व शताब्दी एक्सप्रेस के टिकट बनते हैं। मंगलवार को तीन काउंटर खुलने से यात्रियों की लंबी कतार लगी रही। इससे यात्रियों को टिकट बनवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
कोरोना नियमों का नहीं हो रहा पालन
ट्रेन व स्टेशन पर कोरोना नियमों का पालन नहीं हो रहा है। रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर यात्रियों की जांच लंबे समय से बंद हैं। ज्यादातर यात्री न तो प्लेटफार्म और न ही ट्रेन में मास्क लगा रहे हैं। आरपीएफ, जीआरपी व चेकिंग स्टाफ भी यात्रियों से कोई आपत्ति नहीं कर रहा है।