झांसी। झांसी रेल मंडल में 30 सितंबर से 10 मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट) ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। यह वर्तमान में चल रहीं पैसेंजर ट्रेनों की जगह लेंगी। समय व ठहराव स्टेशनों में परिवर्तन नहीं होगा। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अत्याधुनिक कोच लगने से अब यात्रियों का सफर आरामदायक होगा।
झांसी मंडल में अभी तक दो से तीन सौ किलोमीटर तक की यात्रा और प्रत्येक स्टेशनों पर रुकने के लिए अनारक्षित पैसेंजर ट्रेनों का संचालन हो रहा है। अब बृहस्पतिवार 30 सितंबर से पैसेंजर ट्रेनों के कोच हटाकर उसकी जगह मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसमें 01814 डाउन कानपुर- झांसी, 01815 अप झांसी- मानिकपुर मेमू ट्रेनों का परिचालन 30 सितंबर से, 01816 डाउन मानिकपुर- झांसी, 01809 अप झांसी- बांदा, 01810 डाउन बांदा- झांसी का परिचालन एक अक्तूबर से तथा 01813 अप झांसी- कानपुर, 01811 अप ललितपुर-झांसी, 01812 डाउन झांसी- ललितपुर, 01819 अप बीना- ललितपुर और 01820 डाउन ललितपुर- बीना मेमू ट्रेनों का परिचालन दो अक्तूबर से किया जाएगा।
मेमू में इंजन को नहीं करना पड़ता आगे- पीछे
मेमू ट्रेनों में आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन लगे होने से इन्हें गंतव्य स्टेशन से वापसी के समय आगे से पीछे करने की आवश्यकता नहीं होती। इसके अतिरिक्त ये ट्रेनें स्टेशन से खुलते ही तेज रफ्तार पकड़ लेती हैं। इसमें यात्रियों के कम ऊंचाई वाले प्लेटफार्मों पर चढ़ने- उतरने के लिए फूट स्टेप्स भी लगे होते हैं जिससे यात्री आसानी से ट्रेन में सवार हो सकता है।
अधिक यात्रियों के बैठने रहती है व्यवस्था
पैंसेजर ट्रेनों के कोचों में जहां 90 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है वहीं मेमू के डिब्बों में 108 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था और सीटें गद्दीदार होती हैं। इसके अतिरिक्त इनमें छतों से हैंडिल भी लगे होते हैं जिसके सहारे 216 यात्री खड़े होकर यात्रा कर सकते हैं, जबकि पैसेंजर कोचों में खड़े होकर यात्रा करने की व्यवस्था नहीं रहती है।