झांसी के थाना नवाबाद के करगुवां इलाके में पत्नी के मायके जाने के गम में एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने घर पहुंचकर युवक के शव को फांसी के फंदे से उतारा। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
नवाबाद पुलिस के मुताबिक करगुवां जी इलाके में शंकर प्रजापति (34) परिवार के साथ रहता था। घर में पत्नी संगीता समेत दो बच्चे हैं। शंकर परिवार के पालन-पोषण के लिए मजदूरी करता था। बगल में ही बड़ा भाई बिहारी एवं कमल भी परिवार के साथ रहते हैं। परिजनों के मुताबिक शंकर नशे का आदी था। शराब पीने के लिए घर के बर्तन आदि भी बेच देता था।
बुधवार को वह शराब के नशे में घर पहुंचा। इस बात को लेकर पत्नी संगीता के साथ उसका झगड़ा शुरू हो गया। दोनों के बीच मारपीट भी हुई। विवाद के बाद संगीता दोनों बच्चों को लेकर दूसरे दिन अपने मायके भोपाल चली गई। उसके बाद से शंकर गुमसुम रहने लगा।
गुरुवार को उसने कई बार संगीता को फोन किया लेकिन, संगीता ने उससे बात नहीं की। शुक्रवार दोपहर खाना खाने के बाद शंकर अपने कमरे में चला गया। देर-शाम तक वह बाहर नहीं निकाला। बड़ा भाई बिहारी उसके घर गया। वह काफी देर तक दरवाजा खटखटाता रहा लेकिन, अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।
इस पर उसने खिड़की से अंदर देखा तो शंकर दुपट्टे के सहारे फांसी पर लटका हुआ था। बिहारी ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। थोड़ी देर में विश्वविद्यालय चौकी से पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से नीचे उतारा। इंस्पेक्टर नवाबाद के मुताबिक पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया।