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अगले साल नए लुक में दिखेगा ‘लक्ष्मी तालाब’

Fri, 14 Dec 2018 01:17 AM IST
jhansi
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लक्ष्मी तालाब - फोटो : amarujala
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अगले साल से पर्यटक महानगर के एतिहासिक लक्ष्मी तालाब के बदले स्वरूप का आनंद ले सकेंगे। इन दिनों यहां 54 करोड़ की योजना से सुंदरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। तालाब की सफाई के लिए पांच ठेकेदार लगे हैं। जलकुंभी को हटाने के बाद कीचड़ हटाने का काम चल रहा है। वहीं, दिल्ली की कंपनी ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम भी 70 फीसदी पूरा कर लिया है। जल निगम ने तालाब की सफाई का मार्च और बाकी काम जून तक पूरा करने का लक्ष्य बनाया है।
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लक्ष्मी तालाब की सफाई का ठेका दिल्ली की कंपनी के अलावा चार ठेेकेदारों को और दिया गया है। ढाई लाख क्यूबिक मीटर सफाई होनी है। जलकुंभी हटाने के बाद तालाब को पांच हिस्सों में बांटकर ठेकेदारों ने सफाई का काम शुरू कर दिया है। पिछले 20 दिन में बीस फीसदी कीचड़ निकाला जा चुका है। हर दिन 10 डंपर 100 से अधिक फेरे लगाकर कीचड़ फेंकने का काम कर रहे हैं। वहीं, शहर के नालों का जो पानी तालाब में गिर रहा था, उनके लिए अलग रास्ता बना दिया गया है।  
इधर, दिल्ली की जिओ मिलर कंपनी एंड प्राइवेट कंपनी का डड़िया मार्ग पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तैयार कर रही है, जिसका 70 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। कंपनी को इसको बनाने का ठेका कुल 34 करोड़ रुपये में मिला है। इसमें से पांच प्रतिशत हिस्सा सफाई मद में खर्च करना है।
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मालूम हो कि, कंपनी ने 29 मई से अपने हिस्से की सफाई शुरू कर दस जुलाई तक दो हजार मीटर क्यूबिक मीटर की सफाई कर दी थी। इसमें दस लाख रुपये से अधिक खर्च हो गए थे। मगर, बरसात के पानी से फिर तालाब भर गया था और स्थिति जस की तस हो गई थी।
जल निगम के अधिशासी अभियंता नरेंद्र कुमार ने बताया कि तालाब की सफाई की लगातार निगरानी की जा रही है। इस काम को जल्द से जल्द पूरा कराना है, ताकि जून तक तालाब के सुंदरीकरण का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए।  

नारायण बाग के पास स्थित लक्ष्मी ताल को सुंदर बनाने पर 54 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसमें से 60 फीसदी पैसा (32.50 करोड़ रुपये) केंद्र सरकार व 40 फीसदी (21.50 करोड़ रुपये) राज्य सरकार को देना है। योजना दिसंबर 2015 में शुरू हुई थी, जिसमें 25 करोड़ रुपये का बजट अभी तक मिल चुका है। दिल्ली की जिओ मिलर एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को 34 करोड़ रुपये का ठेका जल शोधन वाटर टैंक (एसटीपी) व अन्य निर्माण काम के लिए दिया गया है। इस प्लांट के बनने के बाद ही तालाब के खराब पानी के शुद्धीकरण का काम शुरू होगा। इसमें से चार एमएलडी (40 लाख लीटर पानी) साफ पानी तालाब में डाला जाएगा। साफ पानी में एलम और केमिकल डाले जाएंगे, जिससे जलकुंभी को उत्पन्न करने वाले तत्व मर जाएंगे।
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