झांसी। अब शहर में बिजली की लाइन भूमिगत होगी। पचास करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। पहली किस्त के रूप में शासन ने 12 करोड़ का बजट भी जारी कर दिया है। बिजली अफसरों का कहना है कि दो महीने के भीतर अंडरग्राउंड लाइन बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। अभी तक महानगर में 6000 बिजली के पोल लगे हैं जिन्हें हटाया जाना है। शुरूआत शहर के प्रमुख इलाकों से की जाएगी।
चाहें शहर की प्रमुख सड़कें हो या चौराहे। हर तरफ खंभों पर खिंची बिजली लाइनों का जाल सा नजर आता है। कई बार तारों में स्पार्किंग होने से आग भी लग जाती है। आए दिन हादसे हो रहे हैं। लेकिन अब यह समस्या ज्यादा दिन नहीं रहेगी। स्मार्ट सिटी की तरफ से दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के खाते में बारह करोड़ रुपये की पहली किस्त भी प्राप्त हो चुकी है। काम कराने वाली संस्था के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया का काम आगरा में जारी है। चयनित कंपनी द्वारा बिजली के तारों को शहर के मुख्य मार्ग मेडिकल मार्ग से इलाइट चौराहा, सीपरी मार्ग, स्टेशन रोड़, ग्वालियर मार्ग और इलाइट चौराहा, बीकेडी चौराहा, मिनर्वा, जीवनशाह चौराहा के साथ किले के आसपास खंभों पर लटक रहे बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इसके साथ ही महानगर की घनी आबादी वाले क्षेत्र मानिक चौक, सीपरी बाजार, नगरा, पुलिया नंबर नौ, सैय्यरगेट, कसाई मंडी आदि क्षेत्रों में लटक रहे बिजली के तारों को स्मार्ट सिटी के तहत अंडर ग्राउंड किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी के तहत महानगर के मुख्य मार्ग के साथ, शहर के सभी चौराहों, घनी आबादी के क्षेत्रों में लटक रहे बिजली के तारों को 50 करोड़ की लागत से पास हुए प्रस्ताव पर अंडर ग्राउंड किया जाएगा। इसके लिए बारह करोड़ रुपये की पहली किस्त दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा को प्राप्त हो चुकी है। कंपनी के टेंडर की प्रक्रिया का काम चल रहा है। जल्द ही काम चालू हो जाएगा। - राजकुमार अधीक्षण अभियंता