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बुंदेलखंड के 40 कॉलेजों में परीक्षा के समय बंद थे सीसीटीवी कैमरे

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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में वार्षिक परीक्षाओं के दौरान 40 कॉलेजों के सीसीटीवी कैमरे बंद मिले हैं। बुधवार को पेपर आउट होने के बाद जब बीयू प्रशासन ने प्रारंभिक पड़ताल की तो यह लापरवाही सामने आई है। हालांकि इनमें से अधिकांश महाविद्यालय इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने की बात कर रहे हैं। वहीं कुछ कॉलेज शक के दायरे में भी आ गए हैं, माना जा रहा है कि जानबूझकर कैमरों को बंद रखा जा रहा है।
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कॉलेजों की परीक्षाएं 28 मार्च से शुरू हुई थीं। महाविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे चालू रहें। इसके लिए बीयू में कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई। इसी कंट्रोल रूम से परीक्षा शुरू होने से पहले सभी कॉलेजों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाती है। किसी केंद्र को कोई दिक्कत आती है तो वो बीयू प्रशासन को सूचित करता है। सूत्रों ने बताया कि जब से बड़े प्रश्नपत्रों की परीक्षा शुरू हुई है, तब से लगभग 200 केंद्रों पर एक साथ परीक्षा चलती है। जांच में पता चला है कि परीक्षा के दौरान लगभग 40 कॉलेजों के सीसीटीवी कैमरे बंद रहते हैं। बीयू की तरफ से केंद्र के अधिकारियों को कैमरे खोलने के निर्देश भी दिए जाते हैं, तो ये इंटरनेट कनेक्टिविटी की दिक्कत बताने लगते हैं। ऐसे में बीयू प्रशासन ने पिछले 10 दिनों का रिकॉर्ड तैयार करना शुरू कर दिया है, जिनके कैमरे लगातार बंद रहे। ऐसे में इन कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
कैमरे बंद कर चल रहा नकल का खेल!
लगातार सीसीटीवी कैमरे बंद होने की वजह से कई सवालों को भी जन्म मिल गया है। बड़ा सवाल ये है कि क्या कनेक्टिविटी का बहाना बनाकर कॉलेज नकल का खेल चला रहे हैं। बीयू प्रशासन की ओर से भी बंद कैमरे रखने वाले कॉलेजों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में इस बार की परीक्षा में कॉलेजों के हौसले बुलंद हैं।
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हर जिले में तीन सदस्यीय निगरानी समिति का गठन किया गया है। ये टीमें परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सीसीटीवी कैमरा, स्ट्रांग रूम की स्थिति, कॉपी व प्रश्नपत्र की स्थिति की रिपोर्ट सौंपेंगी। वहीं, जिन कॉलेजों के सीसीटीवी कैमरे बंद मिले हैं। उनका मामला परीक्षा समिति में ले जाया जाएगा। जुर्माना से लेकर परीक्षा केंद्र प्रतिबंधित करने का फैसला समिति करेगी। - राजबहादुर, परीक्षा नियंत्रक, बीयू।
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