झांसी। ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक के नाम पर जालसाजों ने एक युवक से 90 हजार रुपये ठग लिए। धोखाधड़ी का पता चलने पर कारोबारी शिकायत लेकर साइबर पुलिस के पास पहुंचा लेकिन, पुलिस उसे कई माह टालती रही। आखिरकार बृहस्पतिवार को समथर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया।
समथर निवासी अमित उपाध्याय पुत्र परसराम उपाध्याय ने कौशल विकास से लॉजिस्टिक का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कारोबार आरंभ किया। अमित ने पुलिस को बताया कि जून 2020 में लॉजिस्टिक कारोबार के लिए उन्होंने गूगल से फ्लिपकार्ट कंपनी का पता खोजकर उनको मेल भेजा। वहां से उनको मेल के जरिए 8 सितंबर को डॉक्यूमेंट के साथ जमानत धनराशि के लिए 25,500 रुपये जमा करने को कहा गया। अमित ने यह पैसा जमा करा दिया। कुछ दिन बाद अनुबंध एवं कानूनी शुल्क के लिए 65 हजार मांगे गए। कारोबारी ने यह पैसा भी जमा कर दिया। भुक्तभोगी ने कुल 90,500 रुपये जालसाजों के एकाउंट में जमा कर दिया। इसके बाद जब अमित ने उन नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की तब वह सभी फोन स्विच ऑफ हो गए। यह देखकर अमित के होश उड़ गए। उसने मेल भेजा लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह 15 अक्तूबर 2020 को शिकायत लेकर साइबर थाना पहुंचा लेकिन, रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उसके बाद बृहस्पतिवार को समथर थाने में प्रवीण कुमार, राहुल जैन, अविनाश गोयल एवं करिश्मा निवासी अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एक साल तक थानों के बीच फुटबाल बना रहा व्यवसायी
कारोबारी अमित के साथ ठगी पिछले साल अक्तूबर माह में हुई थी। उसके बाद वह 15 अक्तूबर 2020 को अपनी शिकायत लेकर सबसे पहले साइबर थाना पहुंचा लेकिन, भुक्तभोगी का कहना है साइबर पुलिस ने शिकायत नहीं सुनी। साइबर पुलिस ने उसे किसी थाने में संपर्क करने को कहा। इसके बाद वह समथर थाना पहुंचा यहां पुलिस ने ऑनलाइन माध्यम से फ्रॉड होने की बात कहते हुए फिर से साइबर थाने भेज दिया। पिछले एक साल से वह इन्हीं दो थानों के बीच चक्कर काट रहा है। जब मामला आला अफसरों के संज्ञान में आया तब जाकर भुक्तभोगी का मुकदमा दर्ज किया गया।