झांसी। महानगर में शुक्रवार को दशहरा पर्व उत्साह व श्रद्धा के साथ मनाया गया। मां काली व मां दुर्गा की मूर्तियों की विसर्जन शोभायात्रा जय मां काली, जय मां अंबे के जयकारों के साथ ढोल नगाढ़ों की मधुर धुनों पर निकाली गई। हजारों श्रद्धालु मां आदि शक्ति के दिव्य दर्शन के लिए शहर, सीपरी व सदर में उमड पड़े। जिन्होंने मां की मूर्तियों पर पुष्प वर्षा की। वहीं, शहर में खटकयाना की मां काली के दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा।
दशहरा की सुबह मां जगदंबे की विधिवत आरती वंदना की गई। कन्याओं का पूजन किया गया। इसके बाद दोपहर दो बजे के बाद से परंपरागत रूप से धर्मस्थलों व पंडालों में विराजमान मां दुर्गा की मूर्तियां सिंधी तिराहा पर एकत्रित होनी शुरू हो गई। यहां से जयकारों व ढोल नगाढ़ो के बीच मूर्तियां मानिक चौक, रघुनाथ जी मंदिर तिराहा, मालिनों का चौराहा, बड़ा बाजार, लक्ष्मी गेट से होकर लक्ष्मी तालाब स्थित जल कुंड में विसर्जन के लिए पहुंची। यहां आरती के बाद श्रद्धालुओं ने नम आंखों के बीच मूर्तियों का विसर्जन किया। इधर सीपरी, नगरा व सदर में भी मां अंबे की मूर्तियों की विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई और पहूज नदी सहित अन्य जलाशयों में विधि विधान से विसर्जन किया गया। वहीं मां दुर्गा उत्सव समिति शहीद पार्क झोकनबाग में विराजमान मां दुर्गा की मूर्ति की विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई।
बैंड बाजे की भक्ति धुन पर लोगों ने जमकर नृत्य किया। इस अवसर पर ऋषि बिंदल, राम रतन अग्रवाल, राजाराम मिश्रा, रामू बिंदल आदि मौजूद रहे। वहीं, विसर्जन शोभायात्राओं का विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक तथा व्यापारिक संगठनों ने भव्य स्वागत किया। सिंधी तिराहा पर श्री दुर्गा उत्सव महासमिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम स्वामी, संयोजक पीयूष रावत, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, अरविंद वशिष्ठ, महामंत्री अंचल अडजरिया, संजीव तिवारी, भूपेंद्र, अमित प्रहलाद आदि ने, युवा ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष रवीश त्रिपाठी, राधे चौबे ने, अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज विकास एवं शोध संस्थान के दिलीप सोनी, अखिल भारतीय क्षत्रिय स्वर्णकार पंचायत समाज के राजेंद्र सोनी आदि ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
जगह जगह हुआ प्रसाद का वितरण
दशहरा पर व्यापारियों व समाज सेवियों ने जगह - जगह प्रसाद वितरण का आयोजन किया। लोगों में खीर, पूडी, हलवा तथा सब्जियों का प्रसाद के रूप मे वितरण किया गया। यह आयोजन सदर, सीपरी, पंचकुइया चौराहा, मानिक चौक, सराफा बाजार सहित अन्य प्रमुख बाजारों में किया गया।