झांसी। जीका वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से चार-चार सैंपल भेजे जाएंगे। इसके अलावा नगर क्षेत्र से दस नमूनों की भी जीका वायरस की जांच होगी। सीएमओ ने इस संबंध में निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिले भर से 42 सैंपलों की पुणे की लैब में जांच कराई जाएगी।
जीका वायरस मुख्य रूप से एक संक्रमित मच्छर (एडीज इजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस) के काटने से लोगों में फैलता है। आमतौर पर बीमारी लक्षणों के साथ एक सप्ताह तक चलती है। यह हल्की होती है। कई लोगों में इसके लक्षण दिखाई भी नहीं देते हैं। लेकिन, अगर कोई गर्भवती महिला इससे संक्रमित हो जाती है तो उसके होने वाले बच्चे पर गंभीर असर पड़ सकता है। बच्चे को दिमागी बीमारी भी हो सकती है। इसके अलावा गर्भपात और मृत बच्चे के पैदा होने का भी खतरा रहता है। कानपुर में जीका वायरस का हमला बढ़ते देख झांसी में भी अलर्ट हो गया है। शासन ने निर्देश जारी किए हैं कि सैंपलों की जांच कराई जाए। अब झांसी के सभी आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से से चार-चार संदिग्ध मरीजों के नमूने एकत्रित करके पुणे की लैब में जांच को भेजे जाएंगे। वहीं, नगर क्षेत्र से दस संदिग्ध मरीजों के सैंपलों की जांच कराई जाएगी।