झांसी। डीजल के दामों में की गई बढ़ोतरी से बुंदेलखंड के औद्योगिक क्षेत्र को बड़ा झटका लगा है। बुंदेलखंड क्षेत्र में करीब 150 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो सीधे पेट्रोलियम कंपनियों से डीजल लेते हैं। इन कंपनियों को पहले जहां डीजल बाजार रेट से 10 रुपये कम पर मिलता था, वहीं अब बाजार रेट से 25 रुपये महंगा मिल रहा है। कुल मिलाकर बीते पांच दिनों में बुंदेलखंड के औद्योगिक क्षेत्र को करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। बीते 21 मार्च को पेट्रोल कंपनियों ने थोक उपभोक्ताओं के लिए डीजल के दामों में 25 रुपये का इजाफा किया है। बुंदेलखंड बड़ा खनिज क्षेत्र है। यहां पर क्रशर, सीमेंट समेत तमाम बड़ी कंपनियां सीधे पेट्रोल कंपनियों से डीजल लेती हैं। बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुताबिक बुंदेलखंड में करीब 150 कंपनियां और संस्थानों को डीजल के दाम बढ़ने से झटका लगा है।
पहले इन सभी को डीजल पर करीब 17 फीसदी की छूट मिलती थी। ऐसे मेें औद्योगिक क्षेत्रों को डीजल बाजार मूल्य से करीब 10 रुपये सस्ता मिलता था। मगर दाम बढ़ने के बाद इनको डीजल 25 रुपये महंगा मिल रहा है। कंपनियां इन 150 संस्थानों को 110 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से डीजल दे रही हैं। तेल कंपनी के नियमों के मुताबिक थोक में डीजल लेने वाले उपभोक्ताओं को प्रतिदिन कम से कम एक हजार लीटर डीजल लेना होता है। इस हिसाब से देखा जाए तो औद्योगिक क्षेत्र को 25 रुपये के हिसाब से साढ़े 37 लाख रुपये का रोज नुकसान हो रहा है। बीते चार दिनों की गणना करें तो यह नुकसान दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके चलते कारोबारियों में खासी हलचल है।
झांसी में ही 25 कंपनियां लेती हैं डीजल
झांसी में ही करीब 25 कंपनियां सीधे डिपो से डीजल लेती हैं। इनमें कई क्रशर उद्योग, खनन उद्योग और सीमेंट, फर्टिलाइजर फैक्टरी शामिल हैं। इनको भी डीजल के रेट से बड़ा नुकसान हो रहा है। ऐसे में कई कारोबारी सीधे पेट्रोल पंप से ही डीजल ले रहे हैं।
रोडवेज ने छोड़ा साथ
थोक डीजल के दामों में इजाफे के बाद रोडवेज ने भी थोक में डीजल लेना बंद कर दिया है। जिले में दौड़ रहीं रोडवेज की 140 बसें अब सीधे पेट्रोल पंपों से डीजल ले रही हैं। इससे रोडवेज को करीब प्रतिदिन 70 हजार की बचत हो रही है।
दो पेट्रोल पंप पर आपूर्ति प्रभावित
डीजल के बढ़े दामों से रिलायंस पेट्रोल पंप पर बड़ा असर पड़ा है। जिले में रिलायंस के दो पेट्रोल पंप हैं। इन पंपों पर डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के मुताबिक पूरे देश के रिलायंस पेट्रोल पंप पर असर पड़ा है।
बुंदेलखंड के औद्योगिक क्षेत्र को डीजल के बढ़े दामों से नुकसान हुआ है। करीब दो करोड़ रुपये का कंपनियों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। बुंदेलखंड में करीब 150 कंपनियां ऐसी हैं, जो सीधे कंपनियों से डीजल लेती हैं। औद्योगिक क्षेत्र पहले ही कोरोना की मार से जूझ रहा है। सरकार को राहत देनी चाहिए। - धीरज खुल्लर, जनरल सेक्रेटरी, बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कामर्स
डीजल के बडे़ दामों से असर पड़ रहा है। पहले करीब 10 रुपये सस्ता मिलने वाला डीजल अब 25 रुपये महंगा मिल रहा है। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। सरकार को डीजल के दाम कम करके राहत देनी चाहिए। - अतुल शर्मा, खनन कारोबारी
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डीजल के बढ़े दामों से पेट्रोल पंप संचालकों पर कोई असर नहीं है। अब जो थोक व्यापारी हैं, वे पेट्रोल पंपों से डीजल ले रहे हैं। वहीं जिले में रिलायंस के दो पेट्रोल पंपों को नियमित आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। वहीं पेट्रोल के दाम बढ़ने का असर नजर आ रहा है। लोग अब कम पेट्रोल ले रहे हैं। - राजीव बब्बर, अध्यक्ष, झांसी पेट्रोल पंप एसोसिएशन