झांसी। लॉकडॉउन तोड़ने एवं मास्क न लगाने के आरोप में 1900 से अधिक लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे। यह सभी मुकदमे पिछले वर्ष मार्च माह के बाद से दर्ज किए थे हालांकि पुलिस अफसर अभी आदेश मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
कोविड-19 के प्रकोप के बाद पिछले वर्ष पूरे देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लगाया गया था। यह लॉकडाउन तीन माह तक रहा। इस दौरान सभी प्रकार की गतिविधियां पूरी तरह बंद करने के आदेश दिए गए थे लेकिन, शुरूआती कुछ दिनों को छोड़कर कुछ लोग लॉकडाउन तोड़कर बाहर निकलने लगे। पुलिस ने कुछ दिनों तक कार्रवाई नहीं की लेकिन, शासन केलॉकडाउन का कड़ाई से पालन के निर्देश पर पुलिस ने महामारी एक्ट में मुकदमा दर्ज करना शुरू कर दिया। उसके बाद इस वर्ष अप्रैल माह के बाद भी सरकार ने लॉकडाउन लगा दिया।
अब तक लॉकडाउन तोड़ने एवं मास्क न लगाने के आरोप में 1900 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मास्क न लगाने वालों से जुर्माना वसूलने के साथ उनके खिलाफ महामारी एक्ट में मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया। कई के खिलाफ पुलिस ने धारा 188 के तहत भी मामला दर्ज किया है हालांकि लॉकडाउन तोड़ने वालों में अधिकांश किसी तरह की परेशानी में घिरे लोग सामने आए। झांसी में ही कई मामले ऐसे सामने आए जिनमें घर से राशन लेने, दूध लेने के लिए बाहर आने जैसी दैनिक जरूरत पूरा करने के लिए बाहर निकलने वालों के खिलाफ यह मामले दर्ज किए गए। अब सरकार के इनके ऊपर दर्ज मुकदमे वापस लेने के फैसले से इनको काफी राहत मिल सकेगी। इस फैसले से इन लोगों को पुलिस एवं कोर्ट-कचेहरी के चक्कर से असानी से छुटकारा मिल सकेगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है आदेश मिलने पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।