झांसी। शुक्रवार को महारानी लक्ष्मीबाई जयंती पर झांसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झांसी और काशी का रिश्ता जोड़ते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैं रानी की जन्मस्थली काशी का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। वहां की सेवा का अवसर मुझे मिला है। झांसी का प्यार भी हमेशा मिलता रहा है। यही वजह है कि इस धरती पर आकर विशेष अपनापन लगता है। इस कृतज्ञ भाव से मैं झांसी को नमन करता हूं। वीर वीरांगनाओं की धरती बुंदेलखंड को सिर झुकाकर प्रणाम करता हूं।
मैं तीर्थस्थली वीरों की, मैं क्रांतिकारियों की काशी..मैं हूं झांसी..मैं हूं झांसी से अपनी बात शुरू करते हुए मोदी ने झांसी और बुंदेलखंड के प्रति अपना लगाव और अपनापन जाहिर किया। मोदी ने कहा कि झांसी में आकर मैं कैसा महसूस कर रहा हूं इसकी अभिव्यक्ति शब्दों में आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह धरती रानी लक्ष्मीबाई की अभिन्न सहयोगी रहीं वीरांगना झलकारी बाई की वीरता की भी साक्षी रही है। मैं 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की अमर वीरांगना के चरणों में भी नमन करता हूं। इस धरती से नमन करता हूं अमर गाथाएं लिखने वाले चंदेलों और बुंदेलों को जिन्होंने भारत की वीरता का लोहा मनवाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड की पहचान कभी सूखे के लिए हुआ करती थी लेकिन अब यहां विकास के रास्ते खुल रहे हैं। डिफेंस कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। सेना के लिए हथियार तैयार होंगे। गोला बारूद बनाया जाएगा। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा।