झांसी। जिले में बने पांच अग्निशमन केंद्र संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। सभी केंद्रों पर स्टाफ और वाहनों की भी कमी है। साथ ही तीन फायर टेंडर (फायर ब्रिगेड गाड़ी) भी कंडम हो चुकी हैं। इसके बाद भी अफसरों का कहना है कि कहीं भी आगजनी की घटना होने पर वह कम संसाधन होने के बाद भी सदैव 24 घंटे जनहित की सेवा के लिए तैयार रहते हैं।
जिले में मुख्यालय सहित सीपरी, मोंठ, गरौठा और मऊरानीपुर में अग्निशमन केंद्र क्षेत्र में होने वाली आगजनी से बचाव के लिए बनाए गए हैं। लेकिन इन सभी केंद्रों पर संसाधनों और स्टाफ की कमी है। रामकेश शुक्ला फायर स्टेशन सेकेंड ऑफिसर ने बताया कि महानगर में बनाए गए हाईड्रेंट प्वाइंट ज्यादातर तो बंद हो चुके हैं। अब मुख्य स्थान जैसे सदर बाजार, पुरानी तहसील, दतिया गेट, भोजला मंडी, जलसंस्थान आदि ऐसी जगह हैं। जहां पर ट्यूबवेल लगे हैं। आवश्यकता होने पर इन्हीं स्थानों से पानी लिया जाता है। महानगर में कुल छह फायर टेंडर हैं, जिनमें झांसी में एक बड़ा 8 हजार लीटर, दो छोटे 4500 लीटर, दो 2500 लीटर और एक वाटर मिस 400 लीटर की है। वहीं, मऊरानीपुर और गरौठा में एक 2500 व एक 400 लीटर फायर टेंडर और मोंठ में एक पांच हजार लीटर और एक 400 लीटर का फायर टेंडर है।
फायर स्टेशन में तैनात कर्मचारियों की संख्या व वाहनों की स्थिति
पद तैनाती आवश्यकता
सीएफओ एक एक
एफएसओ शून्य शून्य
एफएसएसओ चार चार
लीडिंग फायरमैन 02 04
चालक 06 15
फायरमैन 27 50
रसोइया 03 06
फायर टेंडर (वाहन) 12 20
मोटरसाइकिल 01 05
(जिले के पांचों अग्निशमन केंद्रों के स्टाफ और गाड़ी की स्थिति)
तीन फायर टेंडर (वाहन) कंडम हो चुके हैं। जिनके बारे में मुख्यालय में अवगत करा दिया है। इसके बाद भी हम लोग किसी भी आपात स्थिति में निपटने के लिए हमेशा तैयार हैं। - केके ओझा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी