झांसी। शहर के पानी वाली धर्मशाला के विशाल शिवालय में विराजमान हजारिया महादेव सभी भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। मंदिर को लेकर कई मान्यताएं भी हैं। इनमें शिव पुराण में वर्णित भगवान शिव के नामों का जाप करने से स्वास्थ्य, सुख समृद्धि की प्राप्ति होना भी है। साथ ही बरसात न होने पर कई बार यहां श्रद्धालुओं द्वारा विशेष रुद्री पाठ भी कराये गए हैं, जिसके बाद झमाझम बारिश हुई।
पानी वाली धर्मशाला मंदिर चंदेल काल के दौरान बना था। मान्यता है, कि हजारिया महादेव मंदिर का निर्माण 17 वीं सदी में गोसाईं साधुओं द्वारा करवाया गया था। मंदिर में आज भी प्राचीन भित्ति चित्र नजर आते हैं। साथ ही, शिखर पर भगवान शिव का त्रिशूल और लघु मंदिर मुख्य आकर्षण है। पुजारी राजेंद्र पंडा के अनुसार शिव रात्रि, पवित्र सावन के महीने में हजारों श्रद्धालु भगवान हजारिया महादेव के दर्शन को उमड़ते हैं। त्योहार पर ब्रह्म मुहुर्त से अभिषेक शुरू हो जाएगा। दोपहर बाद भगवान का दूल्हा स्वरूप में आकर्षक श्रृंगार होगा। इसके साथ ही रात्रि में अनुष्ठान भी होंगे।
बरात के लिए दिए पीले चावल
झांसी। श्री महाकालेश्वर राजा बाबा सेवा समिति के तत्वावधान में महाशिवरात्रि पर 21 फरवरी को श्री महाकालेश्वर मंदिर से भव्य बरात निकाली जाएगी। समिति के सदस्यों ने बुधवार को मानिक चौक, बड़ा बाजार, गांधी रोड बाजार में व्यापारियों को पीले चावल व निमंत्रण प्रदान किए और बरात में शामिल होने का आमंत्रण दिया। इस अवसर पर महामंत्री अजीत राय, संजीव शर्मा, रवीश त्रिपाठी, राधे चौबे, राजेश पुरोहित, गिरीश शिवहरे, सिद्ध गोपाल, विष्णु गर्ग, राजेंद्र दीक्षित, चंदू अग्रवाल, रामू बिंदल, ओम प्रकाश साहू, अंकित राय, नरेश डेंगरे आदि मौजूद रहे। बृहस्पतिवार को दोपहर 1 बजे से राजा बाबा का तेल, हल्दी से उबटन होगा।