झांसी। प्रत्येक कृषक उत्पादक समूह (एफपीओ) को मेंटर (मार्गदर्शक) उपलब्ध कराया जाएगा। यह मेंटर समूह से जुड़े किसानों को विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मार्गदर्शन करेंगे। इस पर अमल की निगरानी भी शासन स्तर से की जाएगी।
प्रदेश सरकार एफपीओ के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक एफपीओ गठित करने की योजना है। एफपीओ समूहों के साथ तीन सौ से लेकर तीन हजार किसान जुड़े हैं। इनकी आय बढ़ाने के प्रयास चल रहे हैं, लेकिन समूहों की शिकायत है कि उन्हें सरकारी कार्यालयों में सहयोग नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में शासन ने इनकी मदद के लिए मेंटर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। यह मेंटर समूह के सदस्यों को मानसिक रूप से मजबूत करेंगे तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी देंगे, ताकि समूह के सदस्यों का इसका फायदा मिल सके।
शासन के अपर मुख्य सचिव (कृषि) डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने प्रत्येक जिले में कृषि विभाग में कार्यरत प्राविधिक सहायक वर्ग-3 को प्रत्येक एफपीओ का उनका मेंटर और समन्वयक नामित करने का फैसला किया है। ये सहायक एफपीओ से जुड़कर विभिन्न विभागों की योजनाओं से लाभान्वित कराएंगे और उनकी समस्याओं को समाधान कराने में समन्वय बनाएंगे। एफपीओ समूहों से संबंधित आंकड़ों को यूपी-एफपीओ शक्ति पोर्टल पर अपडेट भी करेंगे। शासन ने कृषि निदेशक व उप कृषि निदेशकों को मेंटर नामित कर 25 अक्तूबर तक विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
एफपीओ खरीदेंगे मूंग और उड़द
झांसी। प्रदेश सरकार ने मूंग, उड़द, तिल व मूंगफली की खरीद की जिम्मेदारी कृषक उत्पादक समूहों (एफपीओ) और कृषक उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) को सौंपने का फैसला किया है। इस संबंध में विशेष सचिव (कृषि) शत्रुंजय कुमार सिंह ने आदेश जारी कर दिया है। आदेश में कहा कि फसलों की खरीद की व्यवस्था करने में आर्थिक रूप से सक्षम एफपीओ व एफपीसी को खरीद की जिम्मेदारी दी जाएगी। यदि एफपीओ व एफपीसी के विरुद्ध अनियमितता की शिकायत है, तो उन्हें खरीद की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे आम किसानों के साथ- साथ समूहों में खेती करने वाले किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी।