झांसी। पीएम के दौरे को लेकर की गई बैरिकेडिंग में एंबुलेंस फंसने और गर्भवती के अस्पताल के लिए पैदल चलने के मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। विभाग की ओर से एंबुलेंस चालकों को जिला अस्पताल पहुंचने के लिए रूट तय किए गए। जिसके तहत 19 नवंबर तक मरीजों और एंबुलेंस जेल चौराहे से गोविंद चौराहा होते हुए जिला अस्पताल जाएंगे। इसके साथ ही सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को भी निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, रविवार को एक गर्भवती महिला को बेरिकेडिंग के चलते परेशानी झेलनी पड़ी थी। बबीना के बल्लमपुर निवासी कल्पना पाल (23) 108 एंबुलेंस से महिला अस्पताल आ रही थी। शाम पांच बजे के आसपास किले की ढलान से मिनर्वा चौराहे की तरफ उतरते हुए बेरिकेडिंग से रास्ता बंद था। ऐसे में एंबुलेंस वहीं पर खड़ी हो गई। गर्भवती एंबुलेंस से उतारकर पैदल ऑटो तक पहुंची। ऑटो से महिला अस्पताल पहुंची। इसके दस मिनट बाद ही महिला ने बेटी को जन्म दे दिया।
अमर उजाला में खबर छपने के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए। जगह-जगह बैरिकेडिंग होने को लेकर एंबुलेंस चालकों को निर्देश दिए गए हैं। 102, 108 एंबुलेंस के मंडलीय प्रबंधक दिनेश सिंह ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से की गई बैरिकेडिंग के चलते एंबुलेंस चालक मरीज को लेकर जेल चौराहे से गोविंद चौराहा होते हुए जिला अस्पताल तक जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों को भी इसी रास्ते से आना होगा। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस को इस रास्ते में कहीं रोका नहीं जाएगा।