झांसी। जनपद की गरौठा विधानसभा सीट पर भाजपा और सपा के शीर्ष नेतृत्व की निगाह लगी हुई थी। चाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हों या फिर सपा मुखिया अखिलेश यादव, दोनों ने ही इस सीट को जीतने के लिए ताकत झोंक दी थी। अंत में इस सीट पर दोबारा कमल खिल गया।
कभी सपा का गढ़ रही गरौठा विधानसभा सीट पर लगातार दूसरी बार भाजपा का परचम जवाहर लाल राजपूत ने लहराया है। वर्ष 2017 के चुनाव के पहले भाजपा इस सीट को सबसे कम तवज्जो देती रही। मगर जब पिछली बार जवाहर जीत कर विधायक बने तो 2022 में दावेदारों की फौज उतर गई। आखिरकार टिकट जवाहर को ही मिला। चूंकि, जवाहर से पहले लगातार दो बार सपा से दीपनारायण सिंह यादव यहां से विधायक रह चुके हैं। ऐसे में भाजपा और सपा दोनों पार्टियों को इस सीट पर विजय दिखाई दे रही थी। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यहां पर रैली करके प्रत्याशी को जिताने की अपील की थी। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी यहां पर विशाल जनसभा को संबोधित किया था। तब सीएम ने जवाहर को जन नेता बता दिया था। बाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी यहां पर रोड शो किया था। बृहस्पतिवार को प्रत्याशियों के साथ-साथ दोनों पार्टियों के प्रदेश नेतृत्व की निगाहें सुबह से ही मतगणना पर टिकी हुई थीं। मगर भाजपा ने शुरू से अंत तक इस सीट पर बढ़त कायम रखी और शानदार जीत दर्ज की।