बिजली की समस्या को लेकर 2013 में पूर्व मंत्री प्रदीप जैन ने पारीछा थर्मल पावर प्लांट के सामने हाईवे पर जाम लगाया था। इस मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री और उनके सहयोगियों के खिलाफ बड़ागांव थाने में एफआईआर दर्ज की थी।
हाईवे पर जाम लगाने के मुकदमे में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन बुधवार को न्यायालय में उपस्थित हुए। उन्हें न्यायिक हिरासत में ले लिया गया। बाद में 200 रुपये जुर्माना अदा करने और 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंध पत्र देने पर उन्हें छोड़ा गया।
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बिजली की समस्या को लेकर 2013 में पूर्व मंत्री प्रदीप जैन ने पारीछा थर्मल पावर प्लांट के सामने हाईवे पर जाम लगाया था। इस मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री और उनके सहयोगियों के खिलाफ बड़ागांव थाने में एफआईआर दर्ज की थी।
मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। लेकिन, वह तारीखों पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। इस पर 23 जुलाई को अपर सत्र न्यायाधीश /विशेष जज एमपी एमएलए कोर्ट प्रकाश नागर की अदालत ने पूर्व मंत्री और 14 अन्य लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे।
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इस पर पूर्व मंत्री और कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष नरेश बिलहाटिया, सौरभ जैन व सोहेल जैन न्यायालय में उपस्थित हुए। उन्हें न्यायिक हिरासत में ले लिया गया। पूर्व मंत्री के अधिवक्ता विवेक बाजपेयी ने बताया कि न्यायालय ने पूर्व मंत्री व अन्य तीनों पर 200-200 रुपये का जुर्माना लगाया तथा 50-50 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र भी देना पड़ा। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।