झांसी। जिले में चल रहे खाद के संकट की जांच के दौरान पता चला कि 12 दुकानदार ऐसे थे, जिन्होंने खाद की कालाबाजारी की। जांच में इन दुकानों पर मध्य प्रदेश के निवासी किसानों के आधार कार्ड पाए गए थे। इस पर दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए और स्प्ष्टीकरण मांगा गया है।
खाद की दुकानों से लगातार शिकायतें आ रही थीं कि दुकानदार सीमावर्ती मध्यप्रदेश के किसानों को ओवर रेट पर खाद बेच रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी केके सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने खाद की दुकानों के स्टाक का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान पता चला कि दुकानदारों ने खाद की कालाबाजारी की है। दुकानों पर मिले मध्य प्रदेश के निवासियों के आधार कार्ड का दुकानदार संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। साथ ही स्टाक का सत्यापन किया तो उसका भी जवाब नहीं दे सके।
इस पर दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। इनमें आकांक्षा फर्टिलाइजर रक्सा, आन्या ट्रेडर्स टोड़ी फतेहपुर, अपना बीज भंडार झांसी, एग्री जंक्शन केंद्र मऊरानीपुर, एग्री जंक्शन केंद्र बंगरा, एग्री जंक्शन केंद्र टहरौली, एग्री जंक्शन केंद्र गुरसराय, एग्री जंक्शन केंद्र पैरामेडिकल झांसी, अनिल इंटरप्राइजेज मोंठ, एग्री जंक्शन केंद्र बहादुरपुर और अक्षय ट्रेडिंग कंपनी साकिन शामिल हैं। सभी दुकानों के लाइसेंस खाद की कालाबाजारी करने के आरोप में निलंबित किए गए हैं। ग्राम जावन में चल रही खाद की एक दुकान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपदीय समितियां साप्ताहिक समीक्षा करें। सभी खाद बिक्री केंद्र पॉश मशीन के माध्यम से ही खाद की बिक्री करें। पॉश मशीन में प्रदर्शित स्टाक क दुकान पर उपलब्ध स्टाक से मिलान किया जाए। यदि दुकानदार निर्धारित दामों से अधिक में खाद बेचता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
थोक विक्रेताओं की होगी जांच
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि थोक उर्वरक विक्रेताओं और बफर स्टाकिस्टों के स्टाक की जांच की जाए। इसमें यह देखा जाए कि थोक विक्रेता अनावश्यक भंडारण न कर रहा हो, कृत्रिम अभाव न दिखा रहा हो यदि ऐसा पाया जाता है तो दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।