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झांसी : खदान में चट्टान धसकने से महिला श्रमिक दबी, रेस्क्यू ऑपरेशन भी रहा फेल

Wed, 08 Sep 2021 11:06 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, झांसी

सार

बड़ागांव थाना इलाके के डिमरौनी में पत्थर की एक खदान में  बड़ी चट्टान धसक गई, जिससे वहां काम कर रही एक महिला श्रमिक दब गई। दोपहर डेढ़ बजे से लेकर देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाता रहा है, लेकिन महिला को मलबे से बाहर नहीं निकाला जा सका।
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खदान में चट्टान धसकने से महिला श्रमिक दबी
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विस्तार
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ओरछा के ग्राम जिझौरा निवासी सुनील और उनकी पत्नी माया (32) डिमरौनी में स्थित श्याम स्टोन क्रशर पर काम करते हैं। दोनों खदान के नीचे खाई में पत्थरों की ढुलाई के लिए आने-जाने वाली गाड़ियों के लिए बनाए गए रास्ते के पत्थर हटाने काम करते हैं। मंगलवार की दोपहर तकरीबन बारह बजे दोनों अपने काम में जुटे हुए थे।
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पति - पत्नी आपस में काफी दूरी पर काम कर रहे थे। इसी दरम्यान तकरीबन चालीस फुट की ऊंचाई से एक बड़ी चट्टान धसक गई, उसके साथ काफी मलबा भी गिरा, जिसके नीचे माया दब गई। आसपास अन्य श्रमिक भी काम कर रहे हैं, लेकिन गनीमत रही कि वे बाल-बाल बच गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
हादसा होने पर वहां चीखपुकार मच गई। खदान में काम कर रहे श्रमिक माया को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन चट्टानों और मिट्टी के ढेर के नीचे वो नजर तक नहीं आई। जानकारी होने पर सीओ सदर अरुण कुमार चौरसिया व बड़ागांव थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोपहर तकरीबन डेढ़ बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया, जो लगातार कई घंटों तक चलता रहा।
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चार एलएनटी मशीनों के जरिये मलबा हटाया जाता रहा। इसके अलावा चट्टानों को तोड़ा गया, लेकिन महिला को मलबे से बाहर नहीं निकाला जा सका। रात में अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में भी खासी दिक्कतें आईं। इस दौरान वहां भारी संख्या में भीड़ जमा रही, जिसे संभालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

200 रुपये मिलती है रोज मजदूरी

 मलबे में दबी महिला श्रमिक माया के पति सुनील ने बताया कि खदान में काम करने पर उसे 250 और पत्नी को रोजाना 200 रुपये मजदूरी मिलती है। उनके तीन बच्चे सलोनी (16), संगम (13) व जितेंद्र (10) हैं। सुनील ने बताया कि उनके पास आमदनी को कोई दूसरा जरिया नहीं है। यही वजह है कि पति - पत्नी दोनों खदान में काम कर परिवार का किसी तरह गुजारा करते हैं।

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