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स्टाफ के वैक्सीनेशन से लेकर विद्यालय के सैनिटाइजेशन तक सब तैयार

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झांसी। कोविडकाल में बंद रहे विद्यालयों को नए सत्र से पूर्ण क्षमता के साथ खोला जाएगा, इसे लेकर अभी से तैयारी शुरू हो गई हैं। विद्यालयों में स्टाफ के वैक्सीनेशन से लेकर पूरे विद्यालय को सैनिटाइज कराने तक कई स्तरों में बदलाव किया गया है। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को कक्षा में दूरी बनाकर बैठाने, हैंड सैनिटाइजेशन और ऑफलाइन पढ़ाई को और रोचक बनाने की दिशा में भी काम शुरू हो चुका है।
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विश्व में फैली कोरोना महामारी ने न केवल देश में बल्कि पूरे विश्व को चाहरदीवारी में सीमित कर दिया था। दो वर्षों तक विद्यालय बंद रहे। कक्षाएं ऑनलाइन संचालित की गईं, परीक्षाएं भी ऑनलाइन ही कराई गईं। कोरोना के केस लगातार घटने के बाद विद्यालय तो खोले गए लेकिन विद्यार्थियों की संख्या काफी कम रही। भारत सरकार ने किशोरों के लिए कोविड टीकाकरण का भी अभियान प्रारंभ किया। इसके तहत लगभग 85 प्रतिशत किशोरों का टीकाकरण किया जा चुका है। ऐसे में अब नए सत्र से बच्चों की बेहतर पढ़ाई को देखते हुए विद्यालयों में भी विद्यार्थियों को स्वच्छता के मायने और कोरोना से बचाव आदि के बारे में बताया जा रहा है। विद्यालय के समस्त स्टाफ का वैक्सीनेशन कराया गया, साथ ही किशोरों का भी कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई गई। उधर, जिन विद्यालयों में अभी कक्षाएं चल रही हैं वहां छात्र-छात्राओं को दूरी के अनुसार बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। स्कूल आते वक्त, लंच और छुट्टी के वक्त उनके हाथ सैनिटाइज कराए जा रहे हैं। शिक्षक मास्क लगाकर आ रहे हैं।
कक्षाओं में बच्चों को दूर-दूर बैठाने की व्यवस्था की गई है। बच्चों को कोविड गाइडलाइन और अनुशासन में ढालने के लिए भी रणनीति बनाई जा रही है, जो बच्चे अभी डर रहे हैं, उनकी काउंसलिंग की जाएगी, ताकि वे विद्यालय में खुद को सहज महसूस करें।
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अनु मिश्रा-चेयरपर्सन, महात्मा हंसराज
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विद्यालय, कक्षाओं और वॉशरूम के गेट पर सैनिटाइजर रखवा दिए हैं ताकि विद्यार्थी प्रवेश करते वक्त और वापस जाते समय अपने हाथों को सैनिटाइज करते रहें। नई कक्षाओं के लिए विद्यार्थी उत्साहित हैं। बच्चों को पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों में भी शामिल किया जाएगा।
नितिन विलियम्स, ब्लू बेल्स स्कूल
स्टाफ का वैक्सीनेशन कराया जा चुका है, 15 से 17 वर्ष के बच्चों का वैक्सीनेशन भी लगभग 90 प्रतिशत कराया जा चुका है। विद्यार्थियों को रोचक ढंग से पढ़ाने, उनकी लिखावट में सुधार करने के लिए भी शिक्षकों को तैयार कर रहे हैं, ताकि बच्चे पहले की तरह सुगमता से विद्यालय आएं।
अर्चना गुप्ता, ज्ञान स्थली स्कूल
विद्यालय को प्रतिदिन सैनिटाइज कराने के लिए इंतजाम किया जा चुका है। विद्यार्थियों के मन में कोरोना और पढ़ाई को लेकर डर बैठा है, इस डर को खत्म करने के लिए शिक्षकों को तैयार किया जा रहा है कि वे समय-समय पर बच्चे की काउंसलिंग करें, ताकि बच्चा स्कूल आने में घबराए नहीं।
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प्रीति खत्री, शियरवुड स्कूल
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