झांसी। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेजी से जारी हैं। इसी क्रम में वीवीपैट मशीनों की जांच की गई, जिसमें 178 में गड़बड़ी पकड़ीं गईं हैं, जिन्हें रिजेक्ट कर दिया गया है। इनका इस्तेमाल चुनाव में नहीं किया जाएगा। जबकि, सोमवार से बैलेट यूनिट (बीयू) की जांच का काम शुरू होगा।
जिले में पहले 414 बैलेट यूनिट, 95 कंट्रोल यूनिट व 2014 वीवीपैट मशीनें उपलब्ध थीं। हाल ही में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर महाराष्ट्र के औरंगाबाद से 2710 बैलेट यूनिट व 640 वीपीपैट मशीनें झांसी भेजी गईं थीं। बंगलूरू से आई भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) की टीम नई तहसील परिसर में पंद्रह दिन पहले वीवीपैट मशीनों की जांच का काम शुरू किया था। 2654 मशीनों की जांच में 178 में गड़बड़ी पकड़ी गई है। ज्यादातर में पेपर स्लिप न निकलने की खामी सामने आई। ऐसे में इन मशीनों को रिजेक्ट कर दिया गया है। इनका आगामी विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल नहीं होगा। जबकि, सोमवार से 3124 बैलेट यूनिट की जांच का काम शुरू होगा।
सियासी दलों के साथ होगी बैठक
झांसी। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए एक नवंबर से मतदाता सूची का पुनरीक्षण अभियान शुरू होने जा रहा है। एक माह तक चलने वाले इस अभियान के तहत नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जाने पर फोकस रहेगा। इसके अलावा वोटर लिस्ट की त्रुटियां भी दूर की जाएंगी। निर्वाचन आयोग ने स्थानीय अधिकारियों को अभियान के संबंध में सभी सियासी दलों के साथ 25 अक्तूबर तक बैठक कर लेने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें पार्टियों के पदाधिकारियों को बुलाया जाएगा। उनसे बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के जरिये अभियान में सहयोग मांगा जाएगा।