झांसी में निपान गांव निवासी कट्टू यादव (65) पुत्र गनई यादव एवं खेमचंद परिवार के बीच पुरानी पारिवारिक रंजिश चल रही है। शनिवार को किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद हो गया। मार-पीट की वजह से कट्टू यादव, धर्म यादव एवं खेमचंद को गंभीर चोट आ गई। जिसमें से दो की मौत हो गई
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में बच्चों के विवाद की वजह से शुरू हुई रंजिश को लेकर निपान गांव में दो पक्षों के बीच एक बार फिर जमकर लाठी-डंडे चले। इसमें तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। दो की उपचार के दौरान सोमवार को मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए दर्जनों लोगों ने गरौठा कोतवाली घेर ली।
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इस वजह से वहां काफी देर तक हंगामा होता रहा। भीड़ को काबू में करने को आसपास के कई थानों से पुलिस बल बुलाना पड़ा। एक पक्ष की तहरीर पर देर-शाम पुलिस ने एक दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर, दूसरे पक्ष की ओर से अभी तक तहरीर नहीं दी गई है।
बताया जा रहा है निपान गांव निवासी कट्टू यादव (65) पुत्र गनई यादव एवं खेमचंद परिवार के बीच पुरानी पारिवारिक रंजिश चल रही है। शनिवार को किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद हो गया। मार-पीट की वजह से कट्टू यादव, धर्म यादव एवं खेमचंद को गंभीर चोट आ गई।
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गंभीर रूप से घायल कट्टू एवं धर्म को परिजनों ने मेडिकल अस्पताल में भर्ती करा दिया जबकि खेमचंद को पास के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया लेकिन, रविवार रात से कट्टू एवं खेमचंद की हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने रात में ही दोनों के लिए जवाब दे दिया। सोमवार सुबह कट्टू की मौत हो गई।
झांसी में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन शव लेकर सीधे गरौठा कोतवाली पहुंच गए। परिजनों का आरोप था कि शिकायत के बावजूद हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही। इस दौरान महिलाओं ने भी जमकर हंगामा काटा। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ का हंगामा देखकर पुलिस के होश उड़ गए। तुरंत सीओ गरौठा आभा सिंह भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गईं।
भीड़ को काबू में करने के लिए एरच, ककरबई एवं गुरसराय समेत आसपास के कई थाने से पुलिस फोर्स बुला लिया गया। आखिरकार कट्टू के पुत्र ब़जेंद्र की तहरीर पर गरौठा पुलिस ने दर्शन, प्रताप, भारत, खेमचंद, सुंदर, राजपाल, रंजीत, रतन, राजाभैया, राजबहादुर, राजवीर समत दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बृजेंद्र का कहना था करीब दो साल पहले बच्चों के एक विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था, उसके बाद से ही खेमचंद पक्ष रंजिश मानता आ रहा है। उधर, दूसरे पक्ष से खेमचंद की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।
उसकी मौत की सूचना मिलते ही रोते-बिखलते परिजनों का जमावड़ा अस्पताल में लग गया। पुलिस ने उसका शव कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए मऊरानीपुर पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया हालांकि अभी तक उनकी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।