बारिश के बाद अब डेंगू का हमला तेज हो गया है। डेंगू के मद्देनजर भी झांसी संवेदनशील जिलों में आ गया है। मौजूदा समय में डेंगू के मरीजों की संख्या 30 हो गई है। शहर से लेकर गांव तक में डेंगू के मरीज मिलने शुरू हो गए हैं। सबसे ज्यादा हालात शहर क्षेत्र में बिगड़ते दिख रहे हैं। पिछले 24 घंटे के अंदर तिलयानी बजरिया से डेंगू के सबसे ज्यादा मामले निकलकर सामने आए हैं। जबकि, संवेदनशील इलाकों में भी डेंगू के खूब मरीज मिलने शुरू हो गए हैं। बिगड़ते हालात पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमें तिलयानी बजरिया पहुंचीं।
सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने खुद घर-घर जाकर जांच पड़ताल की। इस दौरान दो घरों में डेंगू का लार्वा मिलने पर महामारी एक्ट की धारा 188 के अंतर्गत नोटिस दिया गया। सीएमओ ने लोगों से बात की और उन्हें समझाया कि सभी को कोरोना के साथ मौसमी बीमारियों से बचने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। इन दिनों वायरल, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और टायफाइड सहित कई प्रकार के बुखार की आशंका बनी है। ऐसे में शुरुआती चरण में ही बुखार आने पर जांच जरूर कराएं। टीम ने क्षेत्र का सर्वे किया, जहां जल से भरे पात्रों में लार्वा मिला उनका पात्र खाली कराया गया। वहीं, जहां खाली करने की संभावना नहीं थी, तो लार्वी साइट का छिड़काव कराया गया। नगर पालिका कर्मियों ने क्षेत्र की सफाई की। दो घरों में लार्वा मिलने पर धारा 188 के तहत नोटिस दिया गया। इस दौरान जेडी हेल्थ डॉ. रेखा रानी, महामारी विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा, विज्ञान शास्त्री डॉ. रविदास मौजूद रहे।
वहीं, जिला अस्पताल में वायरल के दो मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर के मुताबिक शहर की रहने वाली बुखार से पीड़ित एक महिला का हीमोग्लोबिन कम हो गया है। जबकि, चिरगांव की एक युवती आईजीएम जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर जिला अस्पताल में भर्ती की गई है। उसकी भी प्लेटलेट्स कम हो गई है। डेंगू की एलाइजा जांच के लिए सैंपल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। इसके अलावा मरीजों की लगातार बढ़ रही तादाद की वजह से मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में कुछ बेड और डलवाए गए हैं।
डेंगू के संवेदनशील क्षेत्र
महानगर में अब डेंगू के संवेदनशील क्षेत्रों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। इसमें आवास विकास, महाराणा प्रताप नगर और डड़ियापुरा का नाम जुड़ गया है जबकि, नगरा और नई बस्ती संवेदनशील इलाकों की सूची से हटा दिए गए हैं। वहीं लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है। पिछले दस सालों के आंकड़ों को देखें तो झांसी में वर्ष 2018 में डेंगू के सर्वाधिक 288 मामले सामने आए थे। तब शहर में शिवाजी नगर, तालपुरा, खुशीपुरा, नगरा, नई बस्ती, हसारी डेंगू के संवेदनशील क्षेत्र घोषित किए गए थे। इसके बाद से लगातार इन्हीं इलाकों में डेंगू के लगभग 50 प्रतिशत मामले सामने आते रहे। मगर अब मलेरिया विभाग ने संवेदनशील इलाकों में बदलाव किया है।
मेडिकल में डलवाए गए बेड
वायरल के मरीजों से मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में वार्ड खचाखच भर गए हैं। दूसरे जनपदों के मरीज भी मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए जा रहे हैं। इसके चलते मेडिसिन विभाग के अंतिम छोर में भी बेड डलवाए गए हैं। बाथरूम के पास होने के चलते ये इलाका अभी तक खाली पड़ा हुआ था। मगर मरीजों की लगातार बढ़ती तादाद की वजह से अब बेडों की संख्या में इजाफा किया गया है।
जहां-जहां डेंगू के मरीज मिल रहे हैं वहां नगर निगम के साथ फॉगिंग, लार्वी साइट का छिड़काव किया जा रहा है। मुनादी कराई जा रही है कि लोग घरों में पात्रों को ढककर रखें। यदि किसी में पानी भर जा रहा है तो उसे तुरंत हटा दें। इसके अलावा डेंगू के लक्षण सामने आने पर तुरंत जांच कराएं। अस्पतालों में इलाज के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। - डॉ. अनिल कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।