झांसी। जिला अस्पताल में 26 जुलाई को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत शून्य से पांच साल तक के मूक-बधिर बच्चों का शिविर लगाकर परीक्षण किया जाएगा। ऐसे में जो बच्चे सर्जरी से ठीक होने लायक होंगे, उनका निशुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा।
आरबीएसके के डीईआईसी मैनेजर डॉ. रामबाबू ने बताया कि मूक बधिर श्रेणी में वह बच्चे आते हैं, जो बोलने और सुनने में असमर्थ होते हैं। जिन बच्चों में ऐसी समस्या है, वो अपना पंजीकरण सीएमओ कार्यालय में करा सकते हैं। इसके लिए वह 6394699329 नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं। कानपुर के डॉ. एसएन मेहरोत्रा फाउंडेशन द्वारा 26 जुलाई को जिला अस्पताल में कैंप लगाया जाएगा। इसमें 0 से 5 वर्ष तक के मूक बधिर बच्चों का परीक्षण होगा। जिन बच्चों को सर्जरी की जरूरत होगी, उनकी आरबीएसके के अंतर्गत मुफ्त सर्जरी कानपुर में कराई जाएगी। इस तरह का शिविर वर्ष 2019 में भी लगा था, तब 33 बच्चों को चिह्नित किया था। अब तक आठ बच्चों की सर्जरी हो चुकी है। सर्जरी में 5-6 लाख का खर्चा आता है। बहुत से बच्चे अभी फॉलोअप में नहीं आए हैं। कोविड की वजह से सर्जरी में देरी हुई है।
क्या है आरबीएसके
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम शून्य से 19 साल तक के बच्चों के इलाज के लिए काम करता है। 4 डी यानी चार तरह के विकार सहित 40 बीमारियों के लिए परामर्श के साथ इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाता है। इसमें हृदय रोग, बहरापन, मोतियाबिंद, कटे होंठ-तालू, मुडे़ पैर, एनीमिया, दांत टेढ़े-मेढ़े होना, बिहेवियर डिस्ऑर्डर, लर्निंग डिस्ऑर्डर, डाउन सिंड्रोम, हाइड्रो सिफलिस, न्यूरल ट्यब डिफेक्ट आदि बीमारियां प्रमुख हैं।