झांसी। एक बेरोजगार युवक के बैंक खाते से साइबर जालसाज ने करीब साढ़े पांच लाख रुपये उड़ा दिए। युवक ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। उसने डीआईजी जोगेंद्र कुमार के पास भी पहुंचकर गुहार लगाई। डीआईजी के निर्देश पर पुलिस टीम हरकत में आ गई। उसने तुरंत जालसाज के बैंक अकांउट को फ्रीज करा दिया। बुधवार को उसके बैंक खाते में पुलिस ने पैसे भी वापस करा दिए।
मप्र के देवास जिला निवासी प्रशांत के देसाई (43) यहां झांसी में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि एक ऑनलाइन कंपनी में नौकरी के लिए उनका रजिस्ट्रेशन था। 29 अक्तूबर को उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कंपनी में जमा पैसा वापस कराने की बात कही। इसके बाद उसके फोन पर एक लिंक भेजा गया। जैसे ही उसने लिंक क्लिक किया, उसका बैंक खाता ऑनलाइन तरीके से हैक कर लिया गया। ओटीपी भी उसी के माध्यम से जनरेट होने लगा। थोड़ी देर बाद उसके खाते से पैसा निकलने का मैसेज आया। यह मैसेज देखकर उसके होश उड़ गए। कुछ ही देर में बैंक खाते से जालसाज ने 5.48 लाख रुपये निकाल लिए। भुक्तभोगी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी के मुताबिक शिकायत मिलते ही धर-पकड़ के लिए टीम लगाई गई। सबसे पहले बैंक से ट्रेस करके जिस खाते के माध्यम से पैसे निकाले गए थे, वह खाता फ्रीज कराया गया। खाता फ्रीज हो जाने से जालसाज यह रकम नहीं निकाल सका। इसके बाद पुलिस ने लिखा-पढ़ी करके यह पूरा पैसा भुक्तभोगी के खाते में वापस करा दिया। एसपी सिटी के मुताबिक पूरा पैसा प्रशांत के खाते में बुधवार को पहुंच गया।
पैसा खाते में वापस आते ही खुश हो गया प्रशांत
करीब 22 दिन के बाद प्रशांत के खाते में जैसे ही जालसाज की ओर से निकाले गए 5.48 हजार पहुंचे, वह खुशी से झूम उठा। प्रशांत के मुताबिक वह देवास की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। उसी दौरान के बचाए हुए पैसे उसने इस खाते में जमा कर रखे थे। अचानक पूरा बैंक खाता खाली हो जाने के बाद प्रशांत डिप्रेशन में था। बुधवार को जब पुलिस ने उसके खाते में पूरी रकम के वापस पहुंच जाने की सूचना दी तब वह खुशी से झूम उठा। खुशी में वह डीआईजी जोगेंद्र कुमार के पास पहुंचा और उनको धन्यवाद ज्ञापित किया।