20 जून 2019 को भूपेंद्र ने सभी को एटा बुलाया था। यहां एक होटल में एफसीआई के नियुक्ति पत्र थमा दिए थे। एफसीआई पहुंचने पर पता चला की नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर भूपेंद्र कुमार चौधरी को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कई विभागों के फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद हुए थे। तब से वो जेल में ही है। जमानत के लिए आरोपी की ओर से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया।