दिनेश कुमार यादव (23) सीएचसी बड़ागांव में एंबुलेंस सेवा में हेल्प डेस्क पर तैनात था। शनिवार की रात वो सरकारी क्वार्टर की ऊपरी मंजिल के कमरे में था। रात तकरीबन 10 बजे उसने दरवाजे के ऊपर लगे रोशनदान के सरिये के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
झांसी के बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस सेवा में आउटसोर्सिंग पर तैनात एक कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता ने कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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जालौन जिले के मदारीपुर निवासी माधौसिंह का पुत्र दिनेश कुमार यादव (23) सीएचसी बड़ागांव में एंबुलेंस सेवा में हेल्प डेस्क पर तैनात था। शनिवार की रात वो सीएचसी परिसर में बने सरकारी क्वार्टर की ऊपरी मंजिल के कमरे में था। रात तकरीबन 10 बजे उसने दरवाजे के ऊपर लगे रोशनदान के सरिये के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर दाखिल हुई। रविवार सुबह मृतक के पिता माधौसिंह ने बड़ागांव थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि जीयूकी कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उसके पुत्र को लगातार मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
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उसके वेतन में लगातार कटौती की जा रही थी और कंपनी के लोगों का रवैया भी उसके प्रति बेहद खराब रहता था। पुत्र इससे परेशान रहने लगा था। कई बार उसने फोन पर इसकी जानकारी भी दी। इसी परेशानी में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पिता की तहरीर पर पुलिस ने कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट टीवीएसके रेड्डी, एचआर हेड लिंग राजदास, करुणेंद्र तिवारी, ऑपरेशन हेड दिनेश यादव, आरएम संदीप, सुपरवाइजर नीलेश चतुर्वेदी व रमेश शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।