झांसी। यूपी संपर्क क्रांति ट्रेन में यात्रा कर रही महोबा की एक महिला ज्योति ने चलती ट्रेन में एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया तो खुशी से झूम उठे पति आकाश ने बच्चे को गोद में लेकर उसका नाम ‘क्रांति’ रख दिया। बेटे को देखकर खुश हो रहे आकाश ने कहा कि उसका बच्चा चलती ट्रेन में हुआ, मां-बेटा दोनों स्वस्थ हैं। उसके जीवन में ये तो बड़ी क्रांति हो गई, ट्रेन का नाम भी क्रांति है, इसलिए उसने बेटे का नाम ‘क्रांति’ रख दिया।
महोबा जनपद के चीखरा निवासी आकाश (24) अपनी पत्नी ज्योति और भाभी ममता के साथ शुक्रवार को यूपी संपर्क क्रांति में हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से महोबा के लिए सवार हुए थे। वे कोच संख्या एस-4 में थे। ट्रेन मुरार के लिए निकलते ही ज्योति प्रसव पीड़ा से कराहने लगी। कुछ ही देर में दर्द असहनीय हो उठा और उसकी हालत बिगड़ने लगी। इस पर साथ में यात्रा कर रही भाभी ने कोच में सवार अन्य महिला यात्रियों की मदद से चलती ट्रेन में प्रसव कराया।
आकाश ने बताया कि ट्रेन में ज्योति को प्रसव पीड़ा होने पर वह और भाभी ममता बुरी तरह से घबरा गए थे। लेकिन, कोच में सवार महिलाओं ने सुरक्षित प्रसव करा दिया। जच्चा और बच्चा के अस्पताल में पहुंचने और वहां चिकित्सकों द्वारा दोनों को स्वस्थ बताए जाने पर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उत्साहित होकर उन्होंने बच्चे का नाम ट्रेन यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से मिलता जुलता क्रांति रख दिया।
ट्रेन के ग्वालियर स्टेशन पर पहुंचते ही आरपीएफ जच्चा-बच्चा को अस्पताल ले गई
झांसी। कोच में आकाश की भाभी ममता और दूसरी महिलाएं जब प्रसव करा रहीं थीं। तभी सह यात्रियों ने इसकी सूचना झांसी कंट्रोल रूम को दे दी। ताकि जच्चा-बच्चा को तुरंत सही इलाज मिल जाए। उधर, सूचना पाकर ग्वालियर में आरपीएफ की महिला टीम सतर्क हो गई। रात तकरीबन बारह बजे ट्रेन के ग्वालियर स्टेशन पर पहुंचते ही आरपीएफ की टीम ने महिला व नवजात को ट्रेन से उतारा और तत्काल एंबुलेंस से मुरार अस्पताल पहुंचाया। यहां उपचार के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।