झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को रिवाल्विंग फंड का ऑनलाइन हस्तांतरण किया। उन्होंने ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी प्रदेश की छह लाभार्थियों से बात की। इसमें झांसी की बिन्नू राजा शामिल रहीं। बिन्नू राजा मुख्यमंत्री से बात कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।
ब्लाक बड़ागांव के गाम रौनीजा निवासी श्रीमती बिन्नू राजा ने बताया कि वह बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के सदस्य के रूप में जुड़कर दुग्ध उत्पादन कर रही हैं और आठ हजार रुपये प्रति माह आमदनी हो रही है। मुख्यमंत्री ने कोरोना टीकाकरण के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि गांव में शत- प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जिले के सभी ब्लाकों के 285 स्वयं सहायता समूहों को लगभग छह करोड़ 24 लाख 65 हजार रुपये की धनराशि ऑनलाइन हस्तांतरित की। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश भर के चालीस हजार स्वयं सहायता समूहों को 15 हजार रुपये प्रति समूह के हिसाब से रिवाल्विंग फंड और 2606 समूहों को अन्य मद में 88.66 करोड़ रुपये ऑनलाइन हस्तांतरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी व महोबा में झलकारी बाई महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी का गठन किया गया है। इसके माध्यम से 17406 महिला किसान लाभान्वित होंगी।
उधर, ग्राम रौनीजी निवासी बिन्नू राजा अनुसूचित जाति की हैं और खाती बाबा स्वयं सहायता समूह के माध्यम से वर्ष 2019 में जुड़ी हैं। उन्होंने साढ़े चार हजार लीटर भैंस का दूध बलिनी समूह को उपलब्ध कराया और पौने दो लाख रुपये कमाए। अब उनके पास दो जर्सी गाय और तीन भैंसें हैं। उनकी आय आठ हजार रुपये प्रतिमाह है। बहुत सी महिलाएं उनके ग्रुप से जुड़ रही हैं।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एनआईसी झांसी में जिलाधिकारी आंद्रा वामसी, उपायुक्त स्वत: रोजगार डा. नागेंद्र नारायण मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी जगदीश राम गौतम, बिन्नू राजा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बलिनी की तर्ज पर अन्य जिलों में बनेंगी मिल्क कंपनियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिनी समूह की तर्ज पर गोरखपुर, देवरिया,, महाराजगंज, कुशीनगर, रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और रामपुर जिलों में दुग्ध उत्पादन समितियां बनाई जाएंगी।