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बीयू: एसएफएस कर्मचारियों का वेतन 50 फीसदी बढ़े

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झांसी। उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा। मांग की कि स्ववित्त पोषित योजना अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों के मूल वेतन में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाए। क्योंकि पिछले कई सालों से वेतन वृद्धि नहीं हुई है।
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ज्ञापन में कहा किया गया कि एसएफएस कर्मचारियों के लंबित एरियर का भी जल्द भुगतान कराया जाए। साथ ही एसएफएस कर्मियों की शासन के निर्देशानुसार सेवा नियमावली तैयार की जाए। नियमित कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद रिक्त पदों पर एसएफएस कर्मियों को समायोजित किया जाए। वहीं, नियमित कर्मचारियों के पदों का वर्गीकरण करते हुए पिछल सालों का लंबित एरियर का भुगतान हो। साथ ही पदोन्नति का आदेश भी जारी किया जाए। सभी तृतीय, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अंक तालिकाओं का लेखन कार्य, जांच, मूल्यांकन, चार्ट का टेबुलेशन आदि पर लगी रोक हटाई जाए। नियमित कर्मचारियों के सेवानिवृत्त समारोह के आयोजन के लिए दस हजार रुपये बीयू के खाते से सम्मान राशि के तौर पर स्वीकृत किए जाएं। कैंपस कोर्सों में कर्मचारियों के बच्चों को प्रवेश के समय प्रवेश शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए। पांच प्रतिशत सीटों को पूर्व की भांति आरक्षित भी किया जाए। इस दौरान कोषाध्यक्ष डॉ. पुष्पा गौतम, मोती कुमारी, बृजेश नारायण, धीरेंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह यादव, रवींद्र नायक, विशाल जुत्सी, ऊषा भदौरिया, महेश चंद्र, रेखा रिछारिया, अंजू आनंद आदि मौजूद रहे।
पहले गठित हो कमेटी, फिर हटाए जाएं अभिलेख
झांसी। कर्मचारी महासंघ ने कुलपति से कहा कि बीयू की स्थापना के बाद से अब तक सभी परीक्षा, गोपनीय अभिलेखों रिकॉर्ड गोपनीय विभाग में उपलब्ध हैं। जानकारी मिली है कि अभिलेखों को अप्रशिक्षित मजदूरों द्वारा स्थानांतरित किया जाएगा। इससे रिकॉर्ड छिन्न-भिन्न होने, क्षतिग्रस्त होने या गुम होने का खतरा है। ऐसे में संकायाध्यक्षों की कमेटी गठित कर उनकी संस्तुति के आधार पर रिकॉर्ड सूचिबद्ध करने का आदेश जारी करें।
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