झांसी। प्रबुद्ध वर्ग (ब्राह्मण) सम्मेलन की सफलता से उत्साहित बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो ने ब्राह्मण और पिछड़ा वर्ग के अधिक से अधिक सदस्यों को पार्टी से जोड़ने की जिम्मदारी स्थानीय कार्यकर्ताओं को सौंपी है। इसमें लक्ष्य तय किया गया है कि महानगर कमेटी को कम से कम पांच सौ सदस्य बनाने होंगे और नगर पालिका स्तर पर कमेटियों को दो सौ सदस्यों को पार्टी के साथ जोड़ना होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का दावा है कि दलित, सर्व समाज और ब्राह्मणों की जुगलबंदी से प्रदेश में पार्टी की सरकार बनेगी। बिकरू कांड जैसी घटनाओं से जाति विशेष के लोगों का सत्ताधारी दल से मोह भंग हुआ है। इसका लाभ चुनाव में पार्टी को मिलेगा। इसलिए पार्टी ने प्रदेश के सभी जिलों में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के बहाने ब्राह्मण समाज के लोगों का मन टटोला। इससे पार्टी में उत्साह है। पार्टी को 2007 की भांति फिर से ब्राह्मणों को सम्मान देकर सरकार बनाने की उम्मीद है। यही कारण है कि लखनऊ में हुए सम्मेलन में उन्होंने सभी जिलों के कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक ब्राह्मणों को पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
इसके लिए ब्राह्मण भाईचारा कमेटियां सक्रिय होंगी। यही नहीं, पिछड़ा वर्ग के लोगों को भी पार्टी से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक महानगर कमेटी को कम से कम पांच सौ सदस्य जोड़ने होंगे। इसी तरह नगर पालिका और नगर पंचायत कमेटियों को कम से कम दो सौ सदस्यों को जोड़ना होगा। एक वार्ड में कम से कम 25 सदस्य बनाए जाएंगे। इसी तरह वार्ड कमेटी बनेगी, जिसमें तीन सदस्य होंगे। इन्हें अध्यक्ष, महासचिव और सचिव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। पार्टी का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले यदि पार्टी संगठन को पुनर्जीवित कर दिया गया तो लक्ष्य पाना आसान हो जाएगा। जो सीटें आरक्षित हैं, उन सीटों पर संगठन बढ़ाने का खास काम होगा।
अगले महीने लखनऊ में जुटेंगे कार्यकर्ता
कांशीराम पुण्यतिथि पर 9 अक्टूबर को मंडल स्तर पर कोई आयोजन नहीं होगा। इस बार प्रदेश भर से कार्यकर्ता लखनऊ आएंगे और कांशीराम पार्क में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस बहाने पार्टी के कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचेंगे और वहां पर हाईकमान से मिलने वाले दिशा- निर्देशों पर अमल करेंगे।