झांसी। बायोकेमिस्ट्री यानी कि जैव रसायन विज्ञान की एक ऐसी शाखा है, जिसमें साइंस के पारंपरिक विषय बायोलॉजी और केमिस्ट्री का मिश्रण होता है। इस विषय में जीवन में होने वाली रासायनिक प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, एंजाइम, वसा आदि की संरचना और उसे कार्य के अलावा सूक्ष्म रोगों, डीएनए, आरएनए की मॉलीक्यूलर संरचना संबंधी अध्ययन बायोकेमिस्ट्री में किया जाता है।
बायोकेमिस्ट्री का कार्य क्षेत्र काफी विस्तृत है। बायोकेमिस्ट्री मेडिसिन, एग्रीकल्चर व न्यूट्रिशन के क्षेत्र में शोध कार्य करते हैं। मेडिसिन के क्षेत्र में बायोकेमिस्ट डायग्नोस्टिक्स टेस्ट और विभिन्न परीक्षणों के जरिए बीमारियों का कारण ढूंढते हैं। कृषि क्षेत्र में फसलों की नई और बेहतर किस्म विकसित करना, कीटनाशकों से जुड़े पेस्ट कंट्रोल मैनेजमेंट व फसलों के सुरक्षित भंडारण को सुनिश्चित करने का कार्य भी बायोकेमिस्ट्री के तहत आता है, जिसकी मदद से फसल की गुणवत्ता और पैदावार सुधारने में मदद मिलती है। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के बायोकेमिस्ट्री विभाग के समन्वयक डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि बायोकेमिस्ट इस बात का भी अध्ययन करते हैं कि शरीर में किस अनुपात में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन व विटामिन की मात्रा होनी चाहिए। दवा के निर्माण व गुणवत्ता नियंत्रण में भी बायोकेमिस्ट की भूमिका अहम होती है।
यहां पा सकते रोजगार
बायोकेमिस्ट्री के विशेषज्ञों के लिए अवसरों की कमी नहीं है। फार्मा इंडस्ट्री, अस्पताल, कृषि, रिसर्च व शिक्षा संस्थानों और इससे जुड़े कई क्षेत्रों में लोगों की आवश्यकता रहती है। रोजमर्रा के क्षेत्र जैसे मेडिकल प्रोडक्ट, कास्मेटिक और फॉरेंसिक साइंस में भी बायोकेमिस्ट्री से जुड़े लोगों की मांग रहती है। अस्पताल, पब्लिक हेल्थ, लेबोरेट्री, पैथोलॉजिकल लेबोरेट्री और मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट और फार्मास्युटिकल में बायोकेमिस्ट्री के लोगों की अहम भूमिका होती है।
स्नातक पास के लिए कोर्स
कोर्स: एमएससी ऑनर्स बायोकेमिस्ट्री
योग्यता: बॉटनी, जूलॉजी, केमिस्ट्री, बायोकेमिस्ट्री आदि से इंटर
चयन प्रक्रिया: प्रवेश परीक्षा
अवधि: दो साल
सीट: 40
फीस: 45500
इंटर पास के लिए कोर्स
कोर्स: बीएससी ऑनर्स बायोकेमिस्ट्री
योग्यता: विज्ञान विषय से इंटर
चयन प्रक्रिया: सीधे प्रवेश
अवधि: तीन साल
सीट: 60
फीस: 22500