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बाजार खुलते ही नियम टूटे, भीड़ में दिखा खतरा

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अनलॉक होते ही खुले मानकि चौक डाक खाना के पास फिर से भीड़ उमड़ने लगी है। बाजार में सामाजिक दूरी का ?
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झांसी। कोरोना वायरस के सक्रिय संक्रमितों की संख्या में कमी आने के बाद शुक्रवार को झांसी में कोरोना कर्फ्यू में ढील दी गई। इसके साथ ही लगातार 34 दिनों तक सन्नाटे के आगोश में रहने वाले महानगर में चहल-पहल नजर आई। बाजार गुलजार नजर आए। लेकिन, पुराने शहर के बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ आगामी दिनों के लिए खतरे का संकेत देती भी नजर आई। यहां सोशल डिस्टेंसिंग देखने को नहीं मिली और न तमाम लोगों के चेहरे पर मास्क नजर आए। कई व्यापारी कोविड प्रोटोकॉल को एक किनारे रखकर अपने कारोबार को अंजाम देते नजर आए। जबकि, सीपरी बाजार और सदर बाजार में स्थिति बेहतर रही।
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लगातार बढ़ते कोरोना के मरीजों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए सरकार की ओर से पहले रात्रिकालीन और साप्ताहिक कर्फ्यू जैसे बंदोबस्त किए गए थे। बावजूद, इसके महामारी लगातार अपना दायरा बढ़ाती रही। ऐसे में सरकार की ओर से मई की शुरुआत में ही पूर्णकालिक कोरोना कर्फ्यू लागू कर दिया गया था। मरीजों की संख्या 600 से कम होने के बाद शुक्रवार से इसमें सुबह सात से शाम सात बजे तक की ढील दी गई। इसके साथ ही एक माह से अधिक समय तक बंद रहने के बाद महानगर के बाजार खोले गए। पहले दिन शुक्रवार को सीपरी बाजार और सदर बाजार में तो ग्राहकों की आवाजाही कम ही रही, प्रतिष्ठानों में कोविड नियंत्रण के उपाय भी नजर आए। लेकिन, पुराने शहर के बाजार मानिक चौक, बड़ा बाजार, सुभाष गंज आदि में कोविड प्रोटोकॉल दूर-दूर तक नजर नहीं आया। इन बाजारों में जगह-जगह जाम की स्थिति रही। लोग आपस में सटकर चलते नजर आए। जबकि, तमाम लोग तो मास्क भी नहीं पहने हुए थे। कई दुकानों के अंदर ग्राहकों की भीड़ मौजूद थी। जबकि, पिछले साल भी एक जुलाई से अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद पुराने शहर के बाजारों में यही हालात देखने को मिला था। तेजी से बढ़ते संक्रमण की वजह से इन बाजारों को बफर जोन घोषित कर दिया गया था और लंबी बंदी का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर यही स्थिति खतरे का संकेत देती नजर आई।
मानिक चौक - दोपहर 12 बजे
डाकखाने के पास लगा था जाम। आगे बजाजा बाजार में भी बनी हुई थी जाम की स्थिति। ऑटो, हाथ ठेलों की रेलमपेल मची हुई थी। सोशल डिस्टेंसिंग कहीं नजर नहीं आ रही थी। लोगों को एक- दूसरे से सटकर आगे बढ़ना पड़ रहा था।
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मोबाइल मार्केट - शाम 5 बजे
टकसाल स्थित मोबाइल मार्केट पूरी तरह से जाम थी। लोग पैदल निकलने के लिए भी रास्ता तलाश रहे थे। यहां की दुकानों में खूब भीड़ बनी हुई थी। सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर की बात, कइयों के चेहरे पर मास्क तक नजर नहीं आ रहे थे।
ओरछा गेट बाहर - शाम 4 बजे
यहां का नजारा देखकर तो लग ही नहीं रहा था कि झांसी अभी हाल ही में कोरोना की बड़ी त्रासदी के दौर से गुजरा है। इक्का - दुक्का लोगों को छोड़ दिया जाए तो किसी के चेहरे पर मास्क भी देखने को नहीं मिले। कारोबारी भी बेफिक्र होकर कारोबार में जुटे हुए थे।
सीपरी बाजार - सुबह 11 बजे
सीपरी बाजार में स्थिति बेहतर देखने को मिली। यहां ग्राहकों की आवाजाही तो बनी हुई थी, लेकिन भीड़ जैसी स्थिति देखने को नहीं मिली। अपने प्रतिष्ठानों के भीतर व्यापारी कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का पालन करते दिखाई दिए।
सदर बाजार - दोपहर 01 बजे
बाजार की खुली-खुली सड़कों पर लोगों की आसानी से आवाजाही हो रही थी। कई दुकानों के भीतर ग्राहकों और दुकानदारों के बीच दूरी बनाए रखने के उपाय देखने को मिले। झुंड जैसी स्थिति कहीं नजर नहीं आई। कोरोना को लेकर सभी सतर्क दिखे।
दुकान में मास्क और सैनिटाइजर की भरपूर व्यवस्था की गई है। जो ग्राहक बगैर मास्क के आ रहे हैं, उन्हें हम अपनी ओर से उपलब्ध करा रहे हैं।
- दिलबाग भुसारी, सीपरी बाजार
दुकान में ग्राहकों के बैठने की सीटें कम कर दी हैं, ताकि भीड़ जमा न हो सके। हमें अपने साथ-साथ ग्राहकों की सुरक्षा का भी ख्याल रखना होगा।
- गोपीचंद, सीपरी बाजार
पूरी दुकान को सैनिटाइज किया गया है। एक बार में एक-दो ग्राहकों से ज्यादा को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। मुश्किल से झांसी अनलॉक हुआ है। ये स्थिति बनाए रखना है।
- पंकज गर्ग, सदर बाजार
कोरोना के कारण मैं अपने भतीजे को खो चुका हूं। अन्य किसी को इस दर्द का सामना न करना पड़े, इसके लिए दुकान में कोरोना से सुरक्षा के सभी उपाय किए गए हैं।
- एके जैन, सदर बाजार
एक बार में एक ही ग्राहक को दुकान में प्रवेश करने दे रहे हैं। ग्राहकों से दूरी बनी रहे, इसके भी उपाय किए गए हैं। कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जा रहा है।
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- मदन अग्रवाल, सदर बाजार
बड़ी त्रासदी के दौर से हम सब गुजर चुके हैं। आगे ये स्थिति न बने, इसके लिए सुरक्षा के सभी उपाय अपनाए जा रहे हैं। सतर्कता से कारोबार कर रहे हैं।
- मनोज सेठ, सदर बाजार
बड़ी मुश्किल से झांसी को कोरोना कर्फ्यू में ढील मिली है। इसे बरकरार रखने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का शत- प्रतिशत पालन करना बेहद जरूरी है।
- संतोष हयारण, मानिक चौक
दुकान में आने वाले ग्राहक भी सुरक्षित रहें, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। अब दुबारा से कोरोना न फैले, इसके पूरे बंदोबस्त किए गए हैं।
- विक्रांत कुमार, मानिक चौक
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