झांसी। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी चल अचल संपत्ति की पूरी जानकारी विभाग को देनी होगी। यह विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड होगा। साथ ही इसकी एक सत्यापित प्रति 20 जुलाई तक शासन को भी भेजी जाएगी। जो अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी चल अचल संपत्ति का विवरण नहीं देंगे, उनके खिलाफ जांच कराई जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग में कई कर्मचारी और खंड शिक्षा अधिकारी ऐसे हैं, जिन पर समय-समय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। एक ही जिले में कई वर्षों से जमे इन कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है। दो साल पूर्व भी शासन ने बेसिक के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी संपत्ति का विवरण देने के निर्देश दिए थे। हालांकि यह निर्देश कागजों में ही सिमट कर रह गए थे। अब एक बार फि र निदेशालय ने कहा है कि विभागीय कर्मचारी एवं अधिकारी अपनी संपत्ति का विवरण नियुक्ति प्राधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। उसकी सत्यापित प्रति मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड होगी और एक प्रति 20 जुलाई तक शासन को भेजी जाएगी। इस संबंध में बीएसए हरिवंश कुमार ने बताया कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण भेजा जायेगा।
कायाकल्प को लेकर हुई बैठक
परिषदीय स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत हो रहे विकास कार्यों को पुन: गति देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों, बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, नगर पंचायत सदस्यों, अध्यक्षों और प्रधानों की शनिवार को ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत हो रहे 14 मानकों पर आधारित विकास कार्यों के बारे में बताया गया। साथ ही अब तक हुए विकास कार्यों की भी जानकारी दी गई। बैठक में बीएसए एवं अन्य समस्त खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।