झांसी। रेलवे ने प्राइवेट स्रोतों से संविदा पर काम करने वाले मजदूरों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। दरअसल, रेलवे की उच्च स्तरीय बैठक में पता चला है कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी व संविदा कर्मी के रूप में काम कर सकते हैं। जिससे सुरक्षा संबंधी खतरा उत्पन्न होेने की प्रबल संभावना है। आरपीएफ को सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पश्चिम बंगाल के रास्ते आने वाले बांग्लादेशी व रोहिंग्या धीरे- धीरे देश के अलग- अलग कोनों में काम की तलाश में आगे बढ़ते जा रहे हैं। रेलवे को आशंका है कि उनके यहां भी निजी स्रोतों की मदद से बांग्लादेशी व रोहिंग्या काम पर लग सकते हैं। इनसे सुरक्षा संबंधी खतरा उत्पन्न न हो जाए, इसके लिए सतर्कता बरतनी शुरू कर दी गई है। रेलवे बोर्ड ने अपनी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देशित किया है कि वह प्राइवेट सुरक्षा कर्मियों व संविदा मजदूरों का सत्यापन कराएं ताकि कोई भी विदेशी कार्य नहीं कर सके। इस मामले को लेकर सभी मंडलों से रिपोर्ट मांगी गई है।