झांसी। केंद्र और प्रदेश सरकार में गठबंधन के साथी अपना दल (एस) ने अब बुंदेलखंड में भाजपा का तनाव बढ़ा दिया है। सहयोगी पार्टी ने बुंदेलखंड में पांच सीटों पर अपना दावा ठोका है। खास बात ये है कि चार सीटें तो सुरक्षित हैं। जबकि, एक सामान्य है। सबसे ज्यादा जोर बांदा की नरेनी सीट पर है।
अपना दल (एस) को 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में 11 सीटें मिली थीं। इसमें से नौ सीटों पर पार्टी के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। जबकि, दो सीट पर हार मिली थी। हालांकि, बुंदेलखंड में अपना दल (एस) को कोई सीट नहीं मिली थी। सभी 19 सीटों पर भाजपा ने अपने प्रत्याशी उतारे और एकतरफा जीत दर्ज की। चुनाव से ठीक पहले अब अपना दल (एस) प्रदेश में भाजपा से गठबंधन की 40 से 50 सीटें मांग रहा है। इस बार पार्टी ने बुंदेलखंड में भी दावेदारी की। अपना दल (एस) के पदाधिकारियों के मुताबिक पार्टी 19 में से पांच सीटें मांग रही है। इसमें बांदा की नरेनी पर सबसे ज्यादा जोर है। इसके अलावा झांसी की मऊरानीपुर, ललितपुर की महरौनी, जालौन की उरई सदर और बांदा की बबेरू सीट को भी भाजपा की सहयोगी पार्टी मांग रही है। बबेरू को छोड़कर बाकी सभी सुरक्षित सीट हैं।
जीत का ये गणित लगाए है पार्टी
बुंदेलखंड में अपना दल (एस) ने कुर्मी बाहुल्य सीटों के बजाए अधिकतर सुरक्षित सीटों पर दावेदारी की है। पदाधिकारियों के मुताबिक पार्टी का मानना है कि कुर्मी बाहुल्य सीट पर दूसरी पार्टी भी कुर्मी प्रत्याशी उतारती है। इस कारण कुर्मी वोट बंट जाता है। ऐसे में पार्टी अनुसूचित जाति, कुर्मी और मुख्य गठबंधन पार्टी यानी की भाजपा के वोट के सहारे अपनी नैया पार लगाने का गणित बिठाए है। साथ ही इन पांचों सीटों पर वह अपना दल (एस) का ही 35 से 40 हजार वोट मानकर चल रहे हैं।
ये बोले पदाधिकारी
पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। बूथ स्तर तक पार्टी मजबूत है। ऐसे में पार्टी बुंदेलखंड की पांच सीटें मांग रही है। इन सीटों पर हमारा जनाधार है। सीटें मिलेंगी तो अच्छे बहुमत से जीत दर्ज करेंगे। - कालका प्रसाद पटेल, बुंदेलखंड प्रभारी, अपना दस (एस)।
बुंदेलखंड की हर सीट पर हमारा कम से कम दस हजार वोट है। वहीं जिन पांच सीटों पर हम दावा कर रहे हैं, वहां पर पार्टी का 35 से 40 हजार वोट है। पूरी उम्मीद है कि ये सीटें हमें मिलेंगी। - दीपेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष, युवा मंच, अपना दस (एस)।
बुंदेलखंड में भाजपा बहुत मजबूत है। 2014 से अब तक पार्टी को एकतरफा वोट मिला है। सभी सीटें बीजेपी जीती है। गठबंधन साथी अपना दल (एस) को सीटें देने का फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। - अशोक सिंह राजपूत, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र।