उसे भागता देख सिपाहियों के होश उड़ गए। तुरंत उसके पीछे दो सिपाही दौड़े। विनोद एनआईसी के पीछे की इमारत से होते हुए बाहर की ओर भाग रहा था। सिपाहियों ने उसे दौड़ाकर वहीं पर धर दबोचा। पकड़कर उसे दोबारा कोर्ट रूम लेकर आए। कोर्ट में पेश न होने तक उसे कुर्सी में रस्सी से बांध दिया था।