कोरोना ने छीनीं 663 जिंदगियां, महज दो आश्रितों ने मांगा मुआवजा
झांसी। सरकार ने कोविड से मरने वालों के आश्रितों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का वादा किया, लेकिन जिले में महज दो आवेदन ही आए हैं। बताया जाता है कि आवेदन के लिए तय किए गए नियम इतने जटिल हैं कि लोग आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा पेच मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर फंस रहा है। तमाम मृतकों के प्रमाण पत्र पर कोविड से मौत होना दर्ज ही नहीं किया गया है। इसके चलते तमाम आवेदक तहसील के चक्कर काट रहे हैं।
जिले में कोरोना से 663 लोगों की मौत हुई। सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता पाने के लिए मृतक के आश्रितों को आवेदन के दौरान मृतक की आरटीपीसीआर, एंटीजन रिपोर्ट, सिटी स्कैन की छाया प्रति, मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र पर (कोविड-19 से मौत को दर्शाया गया हो) के साथ ही बैंक पास बुक की छायाप्रति संलग्न करनी है। आवेदन प्राप्त होने पर तहसील प्रशासन द्वारा गठित टीम द्वारा जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के 30 दिन के भीतर आश्रितों को लाभ दिया जाता है। लेकिन अब तक जिले भर से कुल दो लोगों ने ही आवेदन किया है।
बताया जाता है कि इस आवेदन प्रक्रिया में मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे बड़ी बाधा बन रहा है। हालात यह हैं कि तमाम मृतकों के मृत्यु प्रमाण पत्र पर कोरोना दर्ज नहीं है। इसे लेकर लोग नगर निगम और नगर पालिकाओं के चक्कर काट रहे हैं। तहसीलदार मदन मोहन गुप्ता ने बताया कि कोविड से मृत लोगों के आश्रितों को सरकार द्वारा पचास हजार रुपये मदद देने का एलान किया था। अब तक सिर्फ दो लोगों ने ही आवेदन किया है। जिनकी जांच कराई गई है।