झांसी। जमीनी स्तर पर उच्च रक्तचाप के मरीजों का पता लगाने, उनकी मॉनीटरिंग व इलाज के लिए इंडिया हाइपरटेंशन कंट्रोल इनिशिएटिव कार्यक्रम के तहत चार से छह अगस्त तक जिला अस्पताल में चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, डब्ल्यूएचओ और प्रदेश सरकार की ओर से हुए कार्यक्रम में आईसीएमआर के डॉ. अभिनव ने बताया कि 30 साल से अधिक उम्र के लगभग 28 फीसदी लोगों में उच्च रक्तचाप की संभावना होती है। कोविड के समय में ये समस्या और तेजी से बढ़ी है। ये भी देखा गया है कि कोविड से जान गंवाने वाले लोगों में अधिकतर उच्च रक्तचाप या को-मोर्बिड से पीड़ित थे। कार्यक्रम की शुरूआत नोडल अधिकारी डॉ. एसके कुलश्रेष्ठ ने की। बताया गया कि अब नौ, दस अगस्त को जिले के फार्मासिस्ट को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा राजपूत, डॉ. रमाकांत, अनुज चौधरी मौजूद रहे।