270 शस्त्र लाइसेंस निरस्त, 106 को किया जिला बदर
झांसी। जानमाल की सुरक्षा के लिए दिए जाने वाले शस्त्रों की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर जिले में 270 लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। इसके अलावा 106 लोगों को जिला बदर कर जिले की सीमा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। पिछले एक साल के दरम्यान अपराधियों को प्रशासन ने कड़ा संदेश देने का काम किया है।
प्रशासन की ओर से शस्त्र लाइसेंस जान माल की सुरक्षा के लिए दिया जाता है। इसकी पूरी पड़ताल भी कराई जाती है। राजस्व विभाग के साथ-साथ पुलिस से भी रिपोर्ट ली जाती है। खासतौर पर आवेदक के आपराधिक इतिहास को खंगाला जाता है। स्वच्छ छवि के व्यक्ति को ही लाइसेंस जारी किया जाता है। लेकिन, तमाम लोग अपने लाइसेंसी असलाह का प्रयोग क्षेत्र में प्रभाव जमाने में करने लगते हैं। यहां तक कि लाइसेंसी शस्त्र का उपयोग आपराधिक गतिविधियों तक में कर देते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन का रुख सख्त बना हुआ है। पिछले एक साल के दरम्यान 270 शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। वहीं, लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले 106 लोगों को जिला बदर किया जा चुका है। ऐसे लोगों का छह-छह माह के लिए जिले की सीमा में प्रवेश प्रतिबंधित किया जा चुका है।
नए लाइसेंस जारी करने में कंजूसी
झांसी। शस्त्र के नए लाइसेंस जारी करने में खासी कंजूसी बरती जा रही है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एक साल में जितने शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, उससे लगभग आधे ही नए बनाए गए हैं। 270 लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, जबकि जारी सिर्फ 103 ही हुए हैं। बेवजह असलाह धारकों की संख्या न बढ़े, ये शासन की भी मंशा है।
आपराधिक गतिविधियों में लाइसेंसधारकों की संलिप्तता पाए जाने पर शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा जनपद को अपराध मुक्त करने के लिए अपराधियों को जिला बदर करने का काम किया गया है। - आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी