झांसी। चुनावी घोषणाओं पर यकीन करने के बाद तमाम किसानों ने बिजली के बिल जमा करने बंद कर दिए थे। यह किसान सरकार गठन के डेढ़ माह बाद भी बिल चुकता नहीं कर रहे हैं। झांसी मंडल में ऐसे किसानों की संख्या 25000 है और इन पर 178 करोड़ का बिल हो गया है। विभाग बार बार नोटिस भेज रहा है। कई जगह कनेक्शन भी काट दिए गए लेकिन फिर भी बकाया बिल नहीं मिल पा रहा है। बिल भुगतान न करने वालों में सबसे बड़ी संख्या उरई के किसानों की है।
चुनावी दौर में हर पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में किसानों को बिजली में बड़ी रियायत देने का एलान किया था। किसी ने बिल माफी की बात की तो किसी ने बिल आधा करने की बात कही थी। इन्हीं घोषणाओं पर विश्वास करते हुए किसानों ने बिजली का बिल रोक दिया था। अब सरकार गठन को डेढ़ माह का समय हो गया है लेकिन किसानों को अभी भी यकीन है कि बिजली बिल को लेकर कुछ न कुछ जरूर होगा। वहीं विभाग का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। काश्तकारों को बकाया बिल तो देना ही पड़ेगा।
जनपद किसानों की संख्या बकाया बिल
झांसी 7423 54 करोड़
ललितपुर 5586 37 करोड़
जालौन 12200 87 करोड़
चुनावी घोषणाओं ने फंसा दिया बिजली का पैसा
झांसी। चुनावी घोषणाओं ने बिजली का बिल फंसा दिया है। अब मौजूदा सरकार से भी किसानों को उम्मीद है कि बिल माफ हो जाएगा या फिर आधा होगा। बिजली अफसरों का कहना है कि किसानों को बार बार समझाया जा रहा है कि बिल माफ होने की कहीं कोई बात नहीं है लेकिन वह मानने को तैयार ही नहीं हैं।
किसानों व अन्य किसी भी उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ नहीं होंगे। सभी बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाकर कनेक्शन काटे जाएंगे और बिल न जमा करने पर सभी के खिलाफ आरसी जारी कर दी जाएगा।
- शैलेंद्र कटियार, अधिशासी अभियंता ग्रामीण