झांसी। कोरोना की चपेट में आकर माता-पिता या इनमें से किसी एक की मौत के बाद बेसहारा हुए जिले के 208 बच्चों को सरकार का सहारा मिल गया है। उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह चार-चार हजार रुपये की पेंशन दी जाने लगी है।
कोरोना की चपेट में आकर माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मौत की वजह से बच्चों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे बच्चों की मदद के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की है, जिसके तहत फरवरी 2020 के बाद से जिन लोगों की कोरोना से मौत हुई है, उनके नाबालिग बच्चों के लिए पेंशन का प्रावधान किया गया है। माता-पिता दोनों की मौत पर आय की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जबकि दोनों में से किसी एक के जीवित होने पर आय सीमा अधिकतम तीन लाख रुपये सालाना तय की गई है। परिवार के सभी बच्चों को 18 साल की आयु तक चार-चार हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। अब तक जिले के 208 बच्चों का चयन इस योजना में किया जा चुका है। इनके खाते में तीन माह की पेंशन भेजी भी जा चुकी है।
सामान्य मौत पर भी पेंशन का प्रावधान
झांसी। बाल स्वराज पोर्टल के तहत सामान्य मौत पर भी पेंशन का प्रावधान किया गया है। इसमें एक ही परिवार के अधिकतम दो बच्चों को 23 साल की आयु तक 2,500 रुपये पेंशन दी जाएगी। इस योजना के तहत अब तक 51 आवेदन आ चुके हैं, जिनका सत्यापन जारी है।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना व बाल स्वराज पोर्टल के आवेदन कलक्ट्रेट स्थित जिला प्रोबेशन कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। इसकी प्रक्रिया बेहद सरल बनाई गई है। आसानी से इन योजनाओं का लाभ पात्रों को दिया जा रहा है।
- नंदलाल सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी