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बीमा कंपनी से वसूला जाएगा किसानों का 19.63 लाख रुपया

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झांसी। वर्ष 2019 के खरीफ सीजन में हुए फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कंपनी और बैंकों के चक्कर लगाने के बाद भी किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिला था। इसमें मंडलायुक्त ने बैंकों और बीमा कंपनी को दोषी माना था। उन्होंने पहले बैंकों के खिलाफ 24.60 करोड़ रुपये की आरसी जारी करने और अब बीमा कंपनी से 19.63 लाख रुपये रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2019 के अंतर्गत झांसी में 205159 किसानों ने फसल बीमा कराया था। इसमें से 58647 किसानों का फसल बीमा से संबंधित विवरण जिले की बैंकों द्वारा भारत सरकार के फसल बीमा पोर्टल पर गलत अपलोड किया था। संबंधित बैंकों को इसे ठीक करने के निर्देश दिए गए और बैंकों ने 16404 किसानों का डाटा सही किया, लेकिन इसे बीमा कंपनी को उपलब्ध नहीं कराया।
यही नहीं 32727 ऐसे प्रकरण पाए गए, जिनमें बैंकों द्वारा किसानों से प्रीमियम धनराशि प्राप्त कर संबंधित बीमा कंपनी को उपलब्ध करा दी थी, लेकिन उन किसानों का विवरण प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल पर बैंकों द्वारा अपलोड नहीं कराया गया। इसी तरह बीमा कंपनी द्वारा एक जुलाई 2021 तक 3.87 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई लेकिन 19.50 लाख रुपये प्रीमियम की धनराशि अब तक बीमा कंपनी के स्तर पर लंबित है। इसमें ब्याज का पैसा अलग है। मंडलायुक्त ने बीमा कंपनी को ब्याज सहित पूरा पैसा एक सप्ताह में वापस करने के लिए आरसी (रिकवरी) जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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इससे पहले बैंकों की लापरवाही सामने आने पर मंडलायुक्त डॉ. अजय शंकर पांडेय ने बैंकाें को जिम्मेदार माना था और बैंकों से 16404 किसानों की क्षतिपूर्ति 24.60 लाख रुपये वसूल करने के निर्देश दिए थे।
बीमा कंपनी ने जानबूझकर पैसा तो नहीं दबाया, जांच होगी
बीमा कंपनी ने अपने फायदे के लिए जानबूझकर पैसा तो नहीं दबाया था, इसकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी द्वारा पैसा विलंब से वापस करके ब्याज तो नहीं कमाया। यदि ऐसा है तो ब्याज की भी वसूली की जाए।
इन बैंकों की लापरवाही उजागर
इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कारपोरेशन बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईडीबीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और जिला सहकारी बैंकों ने किसानों का डाटा बीमा कंपनी को उपलब्ध नहीं कराया था।
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