झांसी। खाद की किल्लत के बीच राहत भरी खबर है। जिले में 160 मीट्रिक टन खाद आ जाने से सभी सहकारी समितियों पर खाद पहुंचाई जाने लगी है।
जिले में 56 सहकारी समितियां हैं। इनमें से 38 समितियों पर डीएपी की उपलब्धता होने तथा बाकी समितियों पर खाद की कमी होने के कारण किसानों को यहां-वहां भटकना पड़ रहा था। जिलाधिकारी ने शासन को एक रैक झांसी भेजने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन ललितपुर में अचानक खाद का गंभीर संकट हो जाने के कारण उसी रैक में से ललितपुर को भी 100 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराने को कहा था। यह रैक रात में झांसी आ गई। इसमें से 160 मीट्रिक टन डीएपी झांसी और सौ मीट्रिक टन डीएपी ललितपुर में पहुंचा दी गई।
रैक खाली होने के बाद इंतजार नहीं किया गया, बल्कि सभी सहकारी समितियों पर खाद पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया। उधर, सहकारी समितियों के गोदामों में एक हजार मीट्रिक टन खाद की उपलब्धता है। लेकिन, जिन सहकारी समितियों में खाद नहीं था, उन पर देर रात तक खाद भेजने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई। किसी तरह वाहन जुटाए गए और खाद भेजे जाने का क्रम मंगलवार को दिन भर चलता रहा।
जिला कृषि अधिकारी के के सिंह ने बताया कि खाद की कमी किसी केंद्र पर नहीं है। किसान अपनी जोत-बही के आधार पर खाद ले सकते हैं।
खाद उपलब्ध कराने की मांग
झांसी। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला मीडिया प्रभारी लाखन सिंह अस्ता जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर किसानों को खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि साधन सहकारी समितियों पर किसानाें की लंबी लाइन लग रही है। उन्हें आवश्यकता के अनुसार खाद नहीं मिल रहा है। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि पर्याप्त खाद है, जबकि किसान कह रह हैं कि खाद मिल नहीं रहा। इसकी जांच करा सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध कराई जाए।