झांसी। परिवहन निगम यात्रियों की जान जोखिम में डालकर झांसी डिपो से बिना परिचालक के नान स्टाप ऐसी 14 बसों का संचालन कर रहा है। जो आठ साल से पुरानी और 10 लाख किलोमीटर से ऊपर चल चुकी हैं। यह बसें आए दिन रास्ते में खराब होकर खड़ी भी हो जाती हैं। इसके बाद भी रोडवेज की जर्जर बसों को ठोक पीटकर नान स्टाप चलाया जा रहा है। इससे यात्रियों की जान का खतरा बना रहता है।
झांसी डिपो में कुल 140 रोडवेज की बसें हैं। जिनमें 50 से 60 रोडवेज की बसों का संचालन उरई, कानपुर, लखनऊ, गोरखरपुर, दिल्ली, ललितपुर, आगरा और मऊरानीपुर आदि रूटों पर किया जाता हैं। डिपो में परिचालकों की कमी होने के कारण ज्यादातर बसें वर्कशाप में खड़ी रहती हैं। इसके बाद भी झांसी डिपो से नान स्टाप ऐसी बसें चलाईं जा रही हैं। जो आठ साल से ज्यादा पुरानी और 10 लाख किलोमीटर से ज्यादा की दूरी चल चुकी हैं। इनमें सफर करना खतरे से भरा हुआ है। नाम न छापने की शर्त पर बस के चालन ने बताया कि नान स्टाप चलाई जा रहीं बसें आए दिन रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ता है।
कम रोडवेज की बसें होने के कारण नान स्टॉप बस के रूप में झांसी से उरई और कानपुर चलाईं जा रही हैं। - प्रियम श्रीवास्तव एआरएम