झांसी। झांसी-कानपुर रेल मार्ग के बीच नॉन इंटरलाकिंग कार्यों के चलते मंगलवार को बारह सवारी गाड़ियां निरस्त रहेंगी। इनमें मानिकपुर-कानपुर सेंट्रल समेत सात दैनिक सवारी गाड़ियां शामिल हैं। वहीं, सोमवार को भी पांच सवारी गाड़ियां निरस्त रहीं। इनमें चित्रकूट धाम जाने वाले गाड़ियां भी शामिल थीं। इससे यात्रियों को ज्यादा परेशान होना पड़ा।
रेलवे अफसरों के मुताबिक मंगलवार को पुणे- लखनऊ (12103), पुणे- लखनऊ (11407), मानिकपुर- कानपुर सेंट्रल (01801), कानपुर सेंट्रल-मानिकपुर (01802), लखनऊ- जबलपुर (15205), कानपुर सेंट्रल-चित्रकूूट धाम (14110), चित्रकूट धाम-कानपुर सेंट्रल (14109), खजुराहो-कानपुर सेंट्रल (04143) ट्रेन निरस्त रहेगी। वहीं, सोमवार को ग्वालियर-बरौनी मेल को ग्वालियर-भिंड-इटावा के रास्ते कानपुर सेंट्रल भेजा गया। पनवेल गोरखपुर (15066), पुणे-गोरखपुर (15030), गोरखपुर यशंवतपुर (12591) को झांसी से ग्वालियर से इटावा के रास्ते कानपुर सेंट्रल भेजा गया। लोकमान्य तिलक-सीतापुर (12107), लोकमान्य तिलक- गोरखपुर (11079), गोरखपुर-लोकमान्य तिलक (11080), गोरखपुर- कोचुवेल्ली (12511) समेत अन्य गाड़ियों को आगरा कैंट से इटावा होते हुए कानपुर भेजा गया। जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह का कहना है नॉन इंटरलाकिंग कार्य के चलते इस रेल मार्ग पर 15 जुलाई तक गाड़ियां प्रभावित रहेंगी।
आरएलवीएन के नाम पर वसूली गई धनराशि, अब तक नहीं दिया गया कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी रेलवे स्टेशन के ठीक सामने रेलवे भूमि विकास निगम (आरएलवीएन) की ओर से लीज पर दुकानें दिए जाने के नाम पर करोड़ों रुपये वसूल लिए गए लेकिन, अभी तक दुकानों पर कब्जा नहीं दिया गया। रेलवे बोर्ड से इसकी शिकायत की गई है। रेलवे बोर्ड को भेजे शिकायती पत्र में व्यवसायी हरदयाल सिंधी ने कहा कि कुछ समय पहले स्टेशन पर बोर्ड लगाया गया जिसमें यहां बनी दुकानों को जून महीने तक तैयार कर देने का वायदा किया गया था। इस फेर में कई कारोबारियों ने यहां पैसा लगा दिया। अब जून महीना बीत जाने के बाद भी जवाब देने को कोई राजी नहीं। कई बार डीआरएम कार्यालय में जाकर शिकायत की लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद रेलवे बोर्ड को शिकायत भेजी गई है।