10 dengu sespected found in aamli
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रविवार को स्वास्थ्य विभाग का अमला गांव पहुंचा। यहां 10 और डेंगू संदिग्ध मिले हैं। इनके सैंपल लेकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। घर-घर हुए सर्वे में मटकी रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले 12 टायर में से नौ और पानी के घड़ों में भी डेंगू का लार्वा मिला। लार्वी साइट का छिड़काव किया गया। साथ ही बुखार के रोगियों को दवाएं भी दी गई हैं।
डेंगू का लार्वा मिला
रविवार को आमली गांव पहुंच संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. विनोद कुमार यादव ने प्रधान के साथ घर-घर जांच पड़ताल की। उन्होंने गांव में चौपाल लगाकर लोगों को डेंगू, मलेरिया सहित अन्य बीमारियों के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया। बताया कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। ऐसे में घरों पर किसी भी पात्र में पानी जमा न होने दें। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घरों में मौजूदा पात्रों में भरे पानी में लार्वा की जांच की। इस दौरान नौ घरों में टायर और दो घरों में घरों में भरे पानी में डेंगू का लार्वा मिला। सीएचसी प्रभारी डॉ. ओपी राठौर के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया।
162 लोगों की डेंगू और 270 लोगों की मलेरिया की जांच की
गांव में तेजी से डेंगू के मामले बढ़ने के कारण दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 162 लोगों की डेंगू और 270 लोगों की मलेरिया की जांच की। इसमें 57 लोग बुखार से पीड़ित मिले। 162 लोगों में 103 के सैंपल लेकर डेंगू की जांच के लिए झांसी भेजे गए। आमली गांव में निकले 17 पॉजिटिव में 11 की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। तीन को मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है। एक व्यक्ति ठीक होकर घर वापस आ गया है। इस दौरान जिला मलेरिया अधिकारी आरके गुप्ता, डॉ. सतीश चंद्र, डॉ. अनुराधा राजपूत, डॉ. रविंद्र राठौर ने गांव का भ्रमण कर लोगों से सफाई रखने की अपील की। जांच टीम में विनोद पटेल, नंदराम पाल, लखन, मुन्ना लाल स्वर्णकार, संतोष कुमार, बृजेश सिंह, संजीव कुमार, जयप्रकाश, अशोक कुमार शामिल रहे।
जेडी के निर्देश, एक सप्ताह तक करें जांच
आमली में हालात बिगड़ते देख निरीक्षण करने पहुंचे जेडी डॉ. विनोद यादव ने स्थानीय टीम को लगातार एक सप्ताह तक गांव की जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टीम आकर घर-घर डेंगू के लार्वा की जांच करे। यदि कोई नया मरीज बुखार का मिलता है तो उसका सैंपल लेकर भेजा जाए। वहीं, पुराने बुखार के रोगियों की सेहत के बारे में भी पूछताछ की जाए। साथ ही गांव में रोज फॉगिंग कराने के निर्देश दिए हैं।